घरेलू विमान सेवाओं के लिए गाइडलाइंस जारी, 2 घंटे पहले पहुंचना जरूरी है एयरपोर्ट

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : 25 मई को देश में घरेलू विमान सेवाएं शुरू कर दी जाएंगी यानी डॉमिस्टिक एयर ट्रैवल को खोल दिया जाएगा. इसके लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने 25 मई से शुरू हो रहे घरेलू विमान परिचालन सेवा को लेकर मानक परिचालन प्रक्रिया जारी किया है. एसओपी के अनुसार सभी यात्रियों को अनिवार्य रूप से अपने फोन पर आरोग्य सेतु ऐप पर रजिस्टर होना होगा,

क्या हैं नई गाइडलाइंस
घरेलू यात्रा के लिए पैसेंजर्स को 2 घंटे पहले एयरपोर्ट पहुंचना जरूरी है.
एयरपोर्ट पर यात्रियों की स्क्रीनिंग करने के बाद ही अंदर एंट्री होगी
14 साल से अधिक उम्र वाले पैसेंजर्स के लिए फोन में आरोग्य सेतु ऐप जरूरी है. आरोग्य सेतु में अगर ग्रीन नहीं दिखा तो एंट्री नहीं मिल पाएगी.
यात्रियों को अपनी पर्सनल गाड़ी या आधिकृत टैक्सी सर्विस का उपयोग करना होगा.
यात्रियों को ट्रॉली के उपयोग को कम से कम करना होगा.
यात्रियों को बिना लाइन के बोर्डिंग पास मिलेगा.



सभी पैसेंजर्स को मास्क और ग्लव्स को पहनना जरूरी होगा. जिनकी फ्लाइट के डिपार्चर में 4 घंटे का समय बाकी है उन्हें एयरपोर्ट टर्मिनल बिल्डिंग में एंट्री करने दी जाएगी. इससे ज्यादा समय वालों को एयरपोर्ट बिल्डिंग में एंट्री नहीं दी जाएगी. एयरपोर्ट ऑपरेटर्स को यात्रियों के बैगेज को टरमिनल में एंट्री देने से पहले पूरी तरह सैनिटाइज करने का आदेश दिया गया है. भीड़भाड़ से बचने के लिए टर्मिनल के सभी गेट्स को खोला जाना जरूरी है जिससे यात्री टर्मिनल के अंदर जा सकें और सारे सुरक्षा प्रोसीजर का पालन कर सकें.

एयरपोर्ट्स ऑपरेटर्स को सभी एंट्री गेट और सभी दरवाजों के साथ स्क्रीनिंग जोन्स पर सोशल डिस्टेंसिंग की मार्किग करनी होगी जिसके बीच की दूरी एक मीटर से कम नहीं होनी चाहिए और इसका पालन एयरपोर्ट के स्टाफ को भी करना होगा. यात्रियों के जूतों, फुटवियर्स को डिसइंफेक्ट करने के लिए सभी एंट्रेंस पॉइंट पर ब्लीच में भीगी हुई मैट या कारपेट को बिछाना जरूरी है.

जिन यात्रियों को विशेष देखभाल की जरूरत है जैसे दिव्यांग या बुजर्ग या छोटे बच्चे जिन्हें व्हीलचेयर की जरूरत हो, उनको हैंडल करने वाले एयरपोर्ट स्टाफ और व्हील चेयर्स को पूरी तरह सैनिटाइज करना जरूरी होगा. टर्मिनल पर समय समय पर अनाउंसमेंट किए जाने जरूरी हैं जिनके तहत यात्रियों को सोशल डिस्टेंसिंग के पालन के बारे में बताना और मास्क, ग्लव्स पहनने से जुड़े निर्देश दिए जाना जरूरी हैं.