नीतीश कुमार पर दिल्ली हाईकोर्ट ने ठोका जुर्माना, कॉपीराइट उल्लंघन का है मामला

लाइव सिटीज डेस्कः दिल्ली हाईकोर्ट ने पुस्तक प्रकाशन में कॉपीराइट उल्लंघन के मामले में सीएम नीतीश कुमार पर जुर्माना ठोका है. उन पर कानूनी प्रक्रिया के दुरुपयोग का आरोप है. कोर्ट ने इस मामले में नीतीश कुमार पर 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है. कोर्ट ने नीतीश कुमार के उस आवेदन को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने अपना नाम पक्षकारों से हटाने का आग्रह किया था. जेएनयू के पूर्व शोधकर्ता व राजनेता ने शोध की चोरी कर किताब छापने का आरोप लगाया है.

सीएम नीतीश कुमार के खिलाफ कॉपीराइट का यह मामला जेएनयू के शिक्षाविद से नेता बने अतुल कुमार सिंह ने दाखिल किया था. उन्होंने आरोप लगाया था कि पटना स्थित एशियन डेवलपमेंट रिसर्च इंस्टीट्यूट द्वारा अपने सदस्य सचिव शैबाल गुप्ता के जरिए और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अनुमोदन से प्रकाशित पुस्तक ‘स्पेशल कैटेगरी स्टेटस ए केस फॉर बिहार’ उनके शोध कार्य का चुराया हुआ संस्करण है.

नीतीश कुमार की ओर से दिल्ली हाईकोर्ट में दाखिल अर्जी में कहा गया था कि उनका अन्य प्रतिवादियों और पुस्तक से किसी तरह का प्रत्यक्ष या परोक्ष संबंध नहीं है. इस पुस्तक को केवल अनुमोदित किया गया है, लिखा नहीं गया है. बिहार के मुख्यमंत्री ने हाईकोर्ट को यह भी बताया कि इस वाद को लेकर उनके खिलाफ कोई मामला नहीं बनता और उन्हें द्वेषपूर्ण मंशा से शर्मिंदा करने के लिए पक्षकार बनाया गया है.

हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री की दलीलों को खारिज करते हुए कहा है कि जेएनूय के दो सुपरवाइजरों ने शिक्षाविद अतुल कुमार सिंह की कृति की वास्तविकता को प्रमाणित किया है और इसे पुस्तक विमोचन से एक दिन पहले 14 मई, 2009 को विमोचित किया गया. हाईकोर्ट ने कहा है कि नीतीश कुमार के खिलाफ याचिकाकर्ता अतुल कुमार सिंह को मुकदमा करने का अधिकार देने के पर्याप्त कारण हैं. नीतीश कुमार द्वारा वर्तमान अंतरिम आवेदन कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग है, ऐसे में इसे 20 हजार रुपये जुर्माने के साथ खारिज किया जाता है.

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