पॉलिथीन के अब तक बंद नहीं होने से हाईकोर्ट नाराज़, राज्य सरकार से मांगा जवाब

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पटना हाईकोर्ट (फाइल फोटो)

पटना (एहतेशाम अहमद) : सूबे में पॉलिथीन से पर्यावरण को होने वाले नुकसान पर पटना हाईकोर्ट ने राज्य सरकार व प्रदूषण नियंत्रण पर्षद द्वारा ठोस कार्रवाई नहीं किये जाने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए पॉलीथिन पर पाबंदी लगाने को लेकर कई गयी कार्रवाई के बारे स्थिति स्पष्ट करते हुए चार सप्ताह में जवाब देने का निर्देश दिया है.

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चीफ जस्टिस राजेन्द्र मेनन एवं जस्टिस डा. अनिल कुमार उपाध्याय की खण्डपीठ ने उमाशंकर सिंह की ओर से दायर लोकहीत याचिका पर बुधवार को सुनवाई करते हुए उक्त निर्देश दिया. याचिकाकर्ता की ओर से अदालत को बताया गया कि सूबे में पॉलीथिन के उपयोग जारी रहने से पर्यावरण संबंधी कयी समस्याएं उत्पन्न हो रही है. खासकर मृदा की उत्पादन क्षमता पर असर हो रहा है.

सूबे में बंद पड़े नलकूपों से आमजनों को हो रही दिक्कतों पर पटना हाईकोर्ट गंभीर

सूबे में बंद पड़े नलकूपों से आमजनों को हो रही दिक्कतों पर पटना हाईकोर्ट ने गंभीरता दिखाते हुए राज्य सरकार की सारी दलीलों को खारिज करते हुए स्पष्ट रुप से पूछा कि इन नलकूपों को चालू करने में क्या बाधा आ रही है और कब तक खराब पड़े नलकूप को चालू करा दिया जायेगा. चीफ जस्टिस राजेन्द्र मेनन एवं जस्टिस डा. अनिल कुमार उपाध्याय की खण्डपीठ ने विकासचन्द्र उर्फ गुड्डू बाबा की ओर से दायर लोकहित याचिका पर बुधवार को सुनवाई करते हुए उक्त निर्देश दिया.

गौरतलब है कि पिछली सुनवाई में राज्य सरकार की ओर से अदालत को बताया गया था कि 5097 नलकूपों की मरम्मत करा दी गयी है, वहीं अन्य को ठीक करने की कार्रवाई की जा रही है. जिसपर अदालत ने याचिकाकर्ता को निर्देश दिया था कि वह सरकार द्वारा दी गयी जानकारी के संबंध में अद्यतन स्थिति की जानकारी अदालत को दें. बुधवार को सुनवाई के क्रम में याचिकाकर्ता द्वारा अदालत को बताया गया कि 9192 नलकूप में से 4095 नलकूप अभी भी बंद है.

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