इंटर स्क्रूटनी से छात्रों ने बुने थे IIT जाने के सपने, अब टूट गए

लाइव सिटीज डेस्कः JEE की परीक्षा तो क्रैक कर लिया, लेकिन इंटर में फेल हो गए. बड़ा अजीब लगता है सुनकर. ये कैसे संभव है कि जेईई की परीक्षा पास करने वाला कोई छात्र इंटर में फेल हो जाए. जी हां ऐसा ही हुआ है. ऐसा लगता है बिहार बोर्ड ने छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है. खबर यह है कि इंटर स्क्रूटनी के रिजल्ट भी घोषित हो गए. लेकिन नंबर जस-के-तस ही रहे. अब छात्र बहुत परेशान हैं.

मुंगेर के रजनीकांत जेईई (एडवांस्ड) को तोड़ने के बाद भी खुश नहीं हैं, क्योंकि वह बारहवीं बोर्ड परीक्षा में विफल रहे हैं. बिहार स्कूल परीक्षा बोर्ड (बीएसईबी) द्वारा आयोजित इंटरमीडिएट परीक्षा के परिणाम के आधार पर, लड़के ने जांच के लिए आवेदन किया, लेकिन उसके रिजल्ट में कोई चेंजेज नहीं रहा.

रजनीकांत को आईआईटी में प्रवेश की उम्मीद थी. लेकिन अब ऐसा नहीं हो सकता. रजनीकांत बताते हैं कि जैसा कि मुझे बारहवीं कक्षा में भौतिक विज्ञान में 25 से कम अंक दिए गए थे, मैं परामर्श के लिए प्रकट नहीं हो सकता. बीएसईबी ने मेरे भविष्य को बर्बाद कर दिया है. मुझे यकीन था कि जांच के बाद, अंकों में वृद्धि होगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. रजनीकांत उन सैकड़ों छात्रों में शामिल थे जिन्होंने शुक्रवार को जांच परिणामों की घोषणा के एक दिन बाद इंटरमीडिएट काउंसिल के कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया था.

इस बीच, आल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स एसोसिएशन के नेतृत्व में 300 से अधिक छात्रों ने इंटरमीडिएट परीक्षा के खराब परिणामों का विरोध करने के लिए शुक्रवार को पटना विश्वविद्यालय के गेट से कारगिल चौक पहुंचे. पुलिस ने हालांकि, छात्रों को बोर्ड ऑफिस में प्रवेश करने से रोक दिया. भागलपुर, जहानाबाद, बरह, गया और मुंगेर समेत विभिन्न जिलों के छात्रों ने विरोध में भाग लिया और बोर्ड से उनके उत्तर किताबों का पुनः मूल्यांकन करने के लिए आग्रह किया.

औरंगाबाद के ऋषु कुमार ने कहा कि जांच के बाद भी, उनके अंकों में कोई बदलाव नहीं हुआ. उन्होंने कहा कि मेरे दोस्तों में कम से कम 35 छात्रों ने जांच के लिए आवेदन किया. उनको दिए गए मूल अंकों की तुलना में सिर्फ चार अंक ज्यादा होते हैं. यह अविश्वसनीय है. मुझे अभी भी विश्वास है कि बोर्ड ने हमारे जवाब पत्रों के मूल्यांकन में गलतियां की हैं और फिर से जांच कराने की जरूरत है.

उधर बिहार AIDSO के अध्यक्ष आशुतोष कुमार ने एक बार फिर बोर्ड से विद्यार्थियों के कैरियर की खातिर जवाब पत्रों का सही मूल्यांकन करने के लिए आग्रह किया है. उन्होंने शिक्षा विभाग से अनुरोध किया है कि वे सरकारी स्कूलों में सक्षम शिक्षक नियुक्त करें. ताकि कॉपियों की जांच सही से हो सके.

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