मृत्युंजय तिवारी का अनशन रंग लाया, दस दिन में मिलने लगेंगे नियुक्ति पत्र

पटना: खिलाड़ियों के सरकारी नौकरी में बहाली प्रक्रिया में हो रही देरी के खिलाफ पिछले चार दिनों से आमरण अनशन पर बैठे बिहार प्लेयर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष मृत्युंजय तिवारी का अनशन मंगलवार को समाप्त हो गया. बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक अरविंद पांडेय द्वारा जल्द ही बहाली प्रक्रिया शुरू होने के आश्वासन पर को अपना अनशन खत्म किया. अरविंद पांडेय ने उन्हें जूस पिला कर अनशन तोड़वाया.

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गौरतलब हो कि शनिवार से मोइनुल हक स्टेडियम के बाहरी परिसर में आमरण अनशन पर बैठे थे. उन्होंने कहा कि अरविंद पांडेय नियुक्ति प्रक्रिया के लिए बनी कमेटी के एक वरिष्ठ सदस्य हैं और इन्होंने हमें पूरा आश्वासन दिया है कि इस बार आपकी बात मानी जायेगी.

उन्होंने कहा कि महानिदेशक महोदय ने बताया कि बीते सोमवार को सामान्य प्रशासन विभाग,कला, संस्कृति और युवा विभाग के पदाधिकारियों की बैठक हुई जिसमें फैसला लिया गया कि दस दिनों के अंदर खिलाड़ियों को नियुक्ति पत्र की प्रक्रिया शुरू की जाएगी.
अनशन समाप्त करते हुए श्री तिवारी ने कहा कि दस दिनों के अंदर खिलाड़ियों की मांग नहीं पूरी होगी तो हम आगे की रणनीति पर विचार करेंगे. मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि खिलाड़ी कभी हार नहीं मानते हैं और अपने लक्ष्य को पाकर ही रहते हैं. इसीलिए हम विभागीय पदाधिकारियों के कार्यों को देख रहे हैं और उम्मीद है कि इस बार सकारात्मक नतीजे आयेंगे.


यह है खिलाड़ियों का आरोप

– सरकार खिलाड़ियों को खेलने के उचित संसाधन मुहैया कराने में असफल है, न खेल मैदान न कोच.
– राजधानी पटना तक में खिलाड़ियों को प्रैक्टिस की जगह नहीं मिल पाती है.
– पदाधिकारी पैसा का रोना रोते हैं जबकि खेल विभाग आवंटित राशि खर्च नहीं कर सकी और राशि सरेंडर हो गया.
– बिहार सरकार के एकलव्य सेंटर की स्थिति भी बदहाल है.
– केंद्र सरकार का साई सेंटर भी सही से नहीं काम कर रहा.
– खेल विधायक को लेकर राज्य सरकार की नीति स्पष्ट नहीं है.