छा गए मोहम्मद शमी, 4 विकेट झटके, विंडीज ने इंडिया को दिया 206 का लक्ष्य

लाइव सिटीज डेस्क: विराट कोहली के नेतृत्व में टीम इंडिया जब वेस्टइंडीज दौरे पर पहुंची थी, तो सब मानकर चल रहे थे कि इस बार वह क्लीन स्वीप करके नया इतिहास रचेंगे, क्योंकि विंडीज की धरती पर भारतीय टीम कभी भी ऐसा नहीं कर पाई है. खुद विराट को भी टीम से कुछ ऐसी ही उम्मीद थी. हो भी क्यों न विंडीज की टीम तो इस समय दुनिया की सबसे कमजोर टीमों में से एक जो है, लेकिन सीरीज के चौथे वनडे में सबकुछ पलट गया. अब टीम इंडिया को सीरीज पर कब्जा करने के लिए विंडीज के खिलाफ आज सबीना पार्क, जमैका में खेले जा रहे पांचवें वनडे में जीत दर्ज करनी ही होगी. विंडीज ने पहले बैटिंग करते हुए 50 ओवर में 9 विकेट पर 205 रन बनाए हैं.

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विंडीज टीम से शाई होप ने 51 रन (98 गेंद), तो काइल होप ने 46 रन बनाए. कप्तान जेसन होल्डर ने 36 रन (34 गेंद, 4 चौके, 1 छक्का) ठोके. एमएस धोनी ने उनका दो रन पर मुश्किल कैच टपकाया, जिसका उन्होंने फायदा उठाते हुए अच्छी पारी खेली. होल्डर ने शाई के साथ पांचवें विकेट के लिए 48 रन जोड़े. शाई ने 94 गेंदों में फिफ्टी पूरी की.

ओपनर एविन लेविस नौ रन पर लौट गए. रोवमैन पॉवेल ने 32 गेंदों में 31 रन (2 छक्के) बनाए. जेसन मोहम्मद और शाई के बीच चौथे विकेट के लिए 39 रनों की साझेदारी हुई. शाई ने दूसरे विकेट के लिए काइल होप के साथ 37 रन जोड़े थे, जबकि काइल ने पहले विकेट के लिए एविन लेविस के साथ मिलकर 39 रन बनाए थे. मोहम्मद शमी ने 4 विकेट, उमेश यादव ने 2 विकेट, तो हार्दिक पांड्या और केदार जाधव ने एक-एक विकेट लिया है.


होगी चौथी सीरीज जीत
टीम इंडिया ने वेस्टइंडीज की धरती पर 7 वनडे सीरीज खेली हैं, जिनमें से 3 में जीत दर्ज की हैं. भारतीय टीम ने सौरव गांगुली (2002), एमएस धोनी (2009) और सुरेश रैना (2011) की कप्तानी में विंडीज में वनडे सीरीज जीती हैं, लेकिन वह क्लीन स्वीप कर पाने में कभी सफल नहीं हुई. इस बार जरूर इसकी उम्मीद थी, लेकिन प्रकृति ने साथ नहीं दिया. जहां तक विंडीज टीम का सवाल है, तो उसने सर विवियन रिचर्ड्स की कप्तानी में भारत को 1989 में वनडे सीरीज में 5-0 से हराते हुए क्लीन स्वीप किया था. उस समय टीम के कप्तान दिलीप वेंगसरकर थे.


विंडीज में सीरीज जीत की होगी हैट्रिक
यदि टीम इंडिया यह सीरीज जीत जाती है तो विंडीज में यह उसकी वनडे सीरीज में जीत की हैट्रिक होगी. इससे पहले उसने साल 2009 में एमएस धोनी की कप्तानी में 4 मैचों की सीरीज 2-1 से, साल 2011 में सुरेश रैना की कप्तानी में 3-2 से वनडे सीरीज जीती थी.

रैंकिंग के लिए भी जरूरी है जीत
टीम इंडिया को ICC वनडे रैंकिंग में तीसरा स्थान बनाए रखने के लिए यह सीरीज जीतना जरूरी है. फिलहाल उसके 114 पॉइंट हैं. यदि सीरीज ड्ऱॉ होती है, तो निचली रैंकिंग वाली टीम से सीरीज ड्रॉ होने पर भारत को नुकसान हो सकता है. टीम इंडिया को हारने पर इसका फायदा एक पॉइंट से पीछे चल रही इंग्लैंड टीम को हो सकता है.


विराट की कप्तानी में विदेश में होगी पहली जीत

वनडे का फुलटाइम कप्तान बनने के बाद विराट की कप्तानी में विदेशी धरती पर टीम इंडिया की यह पहली सीरीज जीत भी होगी. विराट ने अपनी कप्तानी में साल 2013 में जिम्बाब्वे में 5-0 से वनडे सीरीज जीती थी, लेकिन तब वह फुलटाइम कप्तान नहीं थे. फुलटाइम कप्तान बनने के बाद विराट ने पहली वनडे सीरीज पिछले साल इंग्लैंड के खिलाफ भारत में ही खेली थी, जिसमें इंग्लैंड को 2-1 से हराया था.