मिल्खा सिंह के साथ दौड़ेगा पटना, बिहार से है इन्हें दूसरे मिल्खा के मिलने की उम्मीद

पटना : संडे की सुबह कुछ खास होगी. बिहार के डेवलपमेंट के लिए पूरा पटना दौड़ेगा. पटनाइट्स के जोश और जज्बे को बढ़ाने के लिए देश के प्रख्यात धावक मिल्खा सिंह भी होंगे. मिल्खा सिंह के साथ पूरा पटना दौड़ेगा. दरअसल, ये मौका है पटना मैराथन—2017 का. मैराथन में शामिल होने के लिए शनिवार को ही मिल्खा सिंह पटना पहुंच गए हैं. देर शाम वे मीडिया से मुखातिब भी हुए. मैराथन दौड़ तीन फेज में होगा. पहला फेज 21 किमी का है. दूसरा फेज 10 किमी और तीसरा 4 किमी का. तीनों ही फेज की दौड़ गांधी मैदान के गेट नंबर एक से शुरू किए जाएंगे. इसके लिए ​रूट भी तय कर दिए गए हैं. 90 साल के मिल्खा सिंह करीब 60 साल बाद दूसरी बार पटना आए हैं.

पटना मैराथन के बारे में प्रेस से बात करते ‘उड़न सिक्ख’ मिल्खा सिंह

यहां है टैलेंट, मिल सकता है दूसरा मिल्खा
मिल्खा सिंह को बिहार के यूथ से काफी उम्मीदें हैं. बातचीत के दौरान उन्होंने साफ कहा कि बिहार के युवाओं में काफी टैलेंट है. 120 करोड़ की आबादी में अब तक देश को कोई दूसरा मिल्खा सिंह नहीं मिला है. बिहार ही वह जगह है जहां एक—दो नहीं, बल्कि 100 मिल्खा सिंह खोजे जा सकते हैं. इसके लिए सभी को मेहनत करनी होगी. इसके लिए सीएम नीतीश कुमार और स्पोर्ट्स मिनिस्टर को विशेष ध्यान देना होगा. बिहार में स्पोर्ट्स एकेडमी खोलनी होगी. फुटबॉल, हॉकी, एथलेटिक्स पर विशेष ध्यान देना होगा.



पटना मैराथन के बारे में प्रेस से बात करते ‘उड़न सिक्ख’ मिल्खा सिंह

कुछ खास करना होगा तभी ओलंपिक में आएंगे अधिक मेडल
बातचीत के दौरान मिल्खा सिंह ने कई सारे प्वाइंट्स पर बात की. बचपन से लेकर अब तक के अपने लाइफ की काफी सारी बातें शेयर भी की. अपने संघर्ष के बारे में बताया. किस तरह वो हर दिन 6 घंटे तक दौड़ते थे और फिर उसके बाद मुंह और यूरिन से ब्लड आता था, इस बारे में भी बताया. लेकिन उनकी चिंता ओलंपिक में मेडल नहीं मिल पाने को लेकर थी.

पटना मैराथन के बारे में प्रेस से बात करते ‘उड़न सिक्ख’ मिल्खा सिंह

उन्होंने साफ कहा कि देश में क्रिकेट ही एक गेम नहीं है. ओलंपिक में देश को अधिक मेडल चाहिए तो इसके लिए सेंट्रल गवर्नमेंट को काफी मेहनत करनी होगी. स्पोर्ट्स एकेडमी के डेवलपमेंट पर विशेष ध्यान देना होगा.