सड़क के किनारे मिला IAS अधिकारी का शव, जांच में जुटी पुलिस

लाइव सिटीज डेस्क: लखनऊ के हजरतगंज में बुधवार की अहले सुबह कर्नाटक कैडर के आईएएस अनुराग तिवारी की संदिग्ध हालत में शव मिलने से सनसनी फैल गई.

 

जानकारी के मुताबिक 2007 बैच के कर्नाटक कैडर के आईएएस अधिकारी अनुराग तिवारी की लाश हजरतगंज में सड़क के किनारे मिली. हजरतगंज में मीराबाई गेस्ट हाउस के पास संदिग्ध हालत में उनकी शव को देखकर वहां के स्थानीय लोगों ने पुलिस को इसकी सूचना दी. अनुराग तिवारी के शव को सिविल अस्पताल लाया गया. आईएएस अनुराग तिवारी के मौत की खबर सुनकर डीएम सत्येंद्र सिंह और एसपी अस्पताल पहुंचे. पुलिस का कहना है कि अनुराग तिवारी की स्वभाविक मौत हुई है. पुलिस का कहना है कि गेस्ट हाउस से महज 50 मीटर की दूरी पर उनका शव मिला था. उनके ठुड्डी (चिन) पर चोट थी और नाक से भी खून बहा था. पुलिस इस मामले में हत्या की आशंका से भी इंकार नहीं कर रही है. चिकित्सकों का कहना है कि ट्रमेटिक इंजरी (सदमा लगने या टक्कर लगने) मौत का कारण हो सकती है.

फिलहाल तीन डाक्टरों का पैनल पोस्टमार्टम करेगा. कर्नाटक कैडर के आईएएस अधिकारी अनुराग तिवारी 35 साल के थे. अनुराग तिवारी यूपी के बहराइच के रहने वाले थे.वो बंगलोर में फूड और सिविल सप्लाई के कमिश्नर पद पर तैनात थे. मौत के कारणों का पता लगाया जा रहा है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उनके फोन कॉल वगैराह की जांच की जा रही है. करीबियों की माने तो अनुराग तिवारी और उनके पत्नी के बीच संबंध कुछ अच्छे नहीं थे. लोगों का कहना है कि आईएएस अनुराग तिवारी जब गेस्ट हाउस से निकले तो मोबाइल गेस्ट हाउस में ही छूट गया था. शव से मिले पर्स की जांच के बाद आईकार्ड से उनकी शिनाख्त हो सकी.

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