राष्ट्रपति शासन लगे तो लगे, पर अभी नहीं हो बिहार में चुनाव

लाइव सिटीज, सेंट्रेल डेस्क : एनडीए में शामिल जेडीयू भले ही समय पर बिहार चुनाव कराने के लिए बेचैन हो, लेकिन लोजपा चुनाव के लिए हर्गिज तैयार नहीं है. चिराग पासवान के बाद अब उनके पिता रामविलास पासवान इस मामले को लेकर खुलकर सामने आ गए हैं. रामविलास पासवान ने साफ शब्दों में कहा है कि बिहार में राष्ट्रपति शासन लगे या कोई अन्य विकल्प अपनाना पड़े लेकिन अभी चुनाव का वक्त नहीं है. अभी कोरोना संकट से बिहार जूझ रहा है. ये बातें उन्होंने एक न्यूज चैनल से बात करते हुए कहीं. बता दें कि दो दिन पहले चिराग ने भी कहा था कि अभी ​बिहार में चुनाव का वक्त नहीं है.  

केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव को अभी टाल देना चाहिए. बिहार में अभी कोरोना कितना बढ़ेगा और कितनी दूर तक जायेगा, कोई नहीं जानता है. ऐसे में जहां लाखों शिक्षक पोलिंग अफसर होंगे, लाखों की संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती होगी, इसलिए लोजपा की राय अभी चुनाव टाल देने की है.



उन्होंने कहा कि इसके लिए राष्ट्रपति शासन लागू करना पड़े या अन्य कदम उठाने पड़े, यह हम नहीं जानते, लेकिन गरीबों की जान जोखिम में नहीं डालना चाहिए. उन्होंने कहा कि चुनाव हो तो सभी वोटरों को उनके वोट डालने का अधिकार मिलना चाहिए.

जब मीडिया ने पूछा कि जदयू चुनाव चाहता है, इस पर उन्होंने कहा कि जदयू ने कोई सर्वे कराया होगा. हम इस पर टिप्पणी नहीं करना चाहते हैं. कोरोना को लेकर उन्होंने नीतीश सरकार को घेरा भी. कहा, बिहार में अब भी इलाज का अभाव है. केंद्र सरकार को दिल्ली की तर्ज पर बिहार पर भी ध्यान देना चाहिए. पासवान से जब लालू-राबड़ी के 15 साल के शासनकाल को लेकर पूछा तो उन्होंने कहा कि यह चुनाव के समय का मामला है. अभी तो कोरोना और बाढ़ से बिहार कराह रहा है. इन समस्याओं पर सोचने की जरूरत है.

गौरतलब है कि दो दिन पहले लोजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व रामविलास के बेटे चिराग ने भी साफ कहा था कि कोरोना संकट को देखते हुए अभी चुनाव को बिल्कुल ही टाल देना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा था कि हमने तो बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को भी इस बारे में बता दिया हूं कि बिहार में कोरोना से निजात जरूरी है न कि चुनाव.

बता दें कि दो दिन पहले ही जेडीयू के महासचिव केसी त्यागी ने कहा ​था कि बिहार में समय पर चुनाव हो. उन्होंने तर्क भी दिया था कि जब लंका में चुनाव हो सकता है तो बिहार में क्यों नहीं. एक बार फिर लोजपा के कड़े तेवर के बाद बिहार की सियासत गरमा गई है और कहा जा रहा है कि जदयू और लोजपा में कुछ तो गड़बड़ है.