14वें राष्ट्रपति बने रामनाथ कोविंद, चीफ जस्टिस खेहर ने दिलाई शपथ

लाइव सिटीज डेस्क : नवनिर्वाचित राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने संसद भवन के सेंट्रल हॉल में राष्ट्रपति पद की शपथ ली. सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जे एस खेहर ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई.  राष्ट्रपति बनने पर कोविंद को पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने बधाई दी. इनके अलावा पीएम मोदी समेत कई दिग्गज नेताओं ने उन्हें बधाई दिया. रामनाथ कोविंद ने शपथ लेने के बाद संसद को संबोधित किया .

शपथ के बाद कोविंद ने कहा

“मुझे भारत के राष्ट्रपति पद का दायित्व सौंपने के लिए मैं आप सभी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं. मैं पूरी विनम्रता के साथ इस पद को ग्रहण कर रहा हूं. यहां सेंट्रल हॉल में आकर मेरी कई स्मृतियां ताजा हो गई हैं. मैं संसद सदस्य रहा हूं. इसी सेंट्रल हॉल में आपमें से कई लोगों के साथ विचार-विमर्श किया है. कई बार हम सहमत होते थे, कई बार असहमत. इसके बावजूद हमने एकदूसरे के विचारों का सम्मान करना सीखा. यही लोकतंत्र की खूबसूरती है.”
– “मैं मिट्टी के घर में पला-बढ़ा हूं. हमारे देश की भी यही गाथा रही है. संविधान की प्रस्तावना में उल्लेखित न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के मूल तत्वों का पालन किया जाता है. मैं भी यही करूंगा. 125 करोड़ नागरिकों ने जो विश्वास जताया, उस पर खरा उतरने का वचन देता हूं. मैं डॉ. राजेंद्र प्रसाद, डॉ. राधाकृण्ष्णन, डॉ. कलाम और प्रणब मुखर्जी जिन्हें हम प्रणब दा कहते हैं, उनके पदचिह्नों पर चलने जा रहा हूं.”
– “गांधीजी ने हमें मार्ग दिखाया. सरदार पटेल ने हमारे देश का एकीकरण किया. बाबा साहब भीमराव अंबेडकर ने हम सभी में मानवीय गरिमा और गणतांत्रिक मूल्यों का संचार किया. वे राजनीतिक स्वतंत्रता से संतुष्ट नहीं थे. वे करोड़ों लोगों की आर्थिक स्वतंत्रता का लक्ष्य चाहते थे. हम 21वीं सदी के दूसरे दशक में हैं. हमें भरोसा है कि ये भारत की सदी होगी. हमें एक ऐसे भारत का निर्माण करना है जो आर्थिक नेतृत्व देने के साथ ही नैतिक आदर्श भी प्रस्तुत करे.”
– “विविधता ही हमारा वो आधार है जो हमें विशेष बनाता है. हम बहुत अलग हैं, फिर भी एक हैं और एक रहेंगे. 21वीं सदी का भारत औद्योगिक क्रांति को भी विस्तार देगा. हमें अपनी परंपरा और प्रौद्योगिकी को प्राचीन भारत के ज्ञान और समकालिन विज्ञान के साथ लेकर चलना है. डिजिटल राष्ट्र हमें विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाने का प्रयास करेगा.

नवनिर्वाचित राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का शपथ ग्रहण समारोह संसद भवन के केन्द्रीय कक्ष में 12 बजकर 15 मिनट पर  हुआ. शपथ ग्रहण समारोह में राज्य सभा के सभापति, प्रधानमंत्री,  भारत के मुख्य न्यायाधीश, लोकसभा अध्यक्ष, मंत्री परिषद के सदस्य, राजनयिक दूतावासों के प्रमुख, सांसद और भारत सरकार के प्रमुख नागरिक और सैनिक अधिकारी शामिल हुए.

रामनाथ कोविंद के सम्मान में  21 तोपों की सलामी भी दी गई . राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद केन्द्रीय कक्ष में समारोह के समापन के बाद  राष्ट्रपति भवन रवाना होंगे जहां उन्हें उसके प्रांगण में गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाएगा. और सेवा-निवृत हो रहे राष्ट्रपति को भी सौहार्दपूर्ण शिष्टाचार प्रदान किया जाएगा. 

कोविंद के परिवार के लोग भी हुए शामिल

इस खास समारोह में शामिल होने के लिए परिजन और रिश्तेदार सोमवार को ही दिल्ली पहुंच गए . वे सभी रामनाथ कोविंद के श्पतः गरहन समारोह के गवाह बने. उनके बड़े भाई प्यारेलाल के बेटे दीपक ने बताया कि वह सुबह 6.30 बजे दिल्ली पहुंच गए थे. उन्हें ‘लल्ला’ कहने वाली बड़ी भाभी विद्यावती सहित 22 परिजन सोमवार को दिल्ली पहुंच गए. सुरक्षा के साथ सभी को राष्ट्रपति भवन ले जाकर ठहराया गया था . कानपुर देहात में परौंख रामनाथ कोविंद का पैतृक गांव है लेकिन, उनके भाइयों का परिवार झींझक और मध्य प्रदेश के गुना में रहता है. राष्ट्रपति भवन से सुरक्षाकर्मियों सहित गाड़ियां पहुंच गई थीं. उसी से वे राष्ट्रपति भवन पहुंचे.