अब सुप्रीम कोर्ट जाएंगे बिहार के पूर्व बाहुबली सांसद प्रभुनाथ सिंह, झारखंड हाईकोर्ट के फैसले को देंगे चुनौती

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : मशरख के विधायक अशोक सिंह हत्याकांड मामले में पूर्व सांसद प्रभुनाथ सिंह सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खट खटाएंगे. झारखंड हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगाएंगे. हाईकोर्ट के फैसले की कॉपी का इंतजार किया जा रहा है. इस बात की जानकारी प्रभुनाथ सिंह के वकील ने दी.

झारखंड हाईकोर्ट ने मशरख के विधायक अशोक सिंह हत्याकांड में बिहार के पूर्व बाहुबली सांसद प्रभुनाथ सिंह और उनके भाई दीनानाथ सिंह को दी गई उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा. हाईकोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया.



कोर्ट ने अपने फैसले में निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा. हालांकि हाईकोर्ट ने प्रभुनाथ सिंह के भतीजे रितेश सिंह को राहत देते हुए उनके खिलाफ निचली अदालत द्वारा दिए गए फैसले को पलट दिया और इस मामले में संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया.

प्रभुनाथ सिंह, दीनानाथ सिंह और रीतेश सिंह तीनों को मशरख के तत्कालीन विधायक अशोक सिंह हत्याकांड में हजारीबाग की निचली अदालत ने दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी. इसके साथ ही अदालत ने इन सभी पर 40- 40 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया था.

बता दें कि  1995 में तत्कालीन विधायक अशोक सिंह की उस समय बम फेंक कर हत्या कर दी गई थी जिस समय वह अपने सरकारी आवास पर लोगों से मिल रहे थे. इस मामले में उनकी पत्नी चांदनी देवी ने पूर्व सांसद प्रभुनाथ सिंह के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई थी. इसमें हत्या के पीछे की वजह राजनीतिक लड़ाई बताया गया  था, क्योंकि प्रभुनाथ सिंह को ही हराकर अशोक सिंह विधायक बने थे.

अशोक सिंह की पत्नी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर करके बिहार से बाहर मामले की सुनवाई करने का आग्रह किया था. उन्होंने कहा था कि आरोपी प्रभावशाली हैं और गवाहों को धमकी भी मिल रही है. ऐसे में मामले की सुनवाई बिहार में सही तरीके से नहीं हो सकती. इसके बाद न्यायालय ने इस मामले को हजारीबाग की अदालत में स्थानांतरित करने का निर्देश दिया था. निचली अदालत ने इस मामले में 18 मई, 2017 को अपना फैसला सुनाते हुए प्रभुनाथ समेत तीनों अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी.