वर्चुअल-डिजिटल चुनाव प्रचार के मुद्दे पर पीआईएल करेगी जाप: पप्पू यादव

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : चुनाव आयोग द्वारा सिर्फ वर्चुअल और डिजिटल रैली की अनुमति दिये जाने के खिलाफ पीआईएल दाखिल करने की जन अधिकार पार्टी (लोकतांत्रिक) के अध्यक्ष राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने घोषणा की है.

पीआईएल दाखिल करने के पीछे के कारणों को बताते हुए पप्पू यादव ने कहा कि 80% लोगों के पास इंटरनेट की सुविधा नहीं, गरीब के पास लैपटॉप नहीं और बाढ़ के कारण बिजली नहीं मिल रही तो ऐसे में वर्चुअल रैली से कैसे जनता से संपर्क होगा.



उन्होंने इसे चोर दरवाज़े से सरकार बनाने की साज़िश करार दिया. जिस पार्टी के पास पैसे नहीं वह कैसे यह सब कर पाएगी. जनता और उनकी पार्टी ‘जाप’ दोनों चुनाव के लिए तैयार है लेकिन जब जनता से हम मिलेंगे ही नहीं तो अपनी बात कैसे रखेंगे. उन्होंने मांग किया कि नॉमिनेशन के तरीक़े को भी बदलना चाहिए.

उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग बिहार की हक़ीक़त से अवगत नहीं है. तीन हिस्सा बिहार नदियों में डूबा है. छपरा-सीवान का हिस्सा डूबा है. महानन्दा-कोसी उफान पर है. बिहार कोरोना वायरस से डरा हुआ है. जब हालात अच्छे नहीं तो चुनाव क्यों.

उन्होंने कहा कि जो सरकार किसान के साथ नहीं, उसे रहने का अधिकार नहीं है. लोकतंत्र की लड़ाई लड़ने वाली जन अधिकार पार्टी पर हमला किया गया. बीजेपी को आगाह किया कि गुंडई नहीं चलने वाली है. बीजेपी के दफ्तर में गुंडे बैठते हैं.

उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व विधायक रामचन्द्र जी को जान से मारने की साज़िश थी. मुख्यमंत्री से अविलंब केस करने की मांग की. उन्होंने कहा कि केस नहीं करने पर कोर्ट जाएंगे. बता दें कि इस दौरान राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रेमचन्द सिंह, राष्ट्रीय महासचिव राजेश रंजन पप्पू, एवं  राघवेन्द्र सिंह कुशवाहा, मौजूद रहे.