कोरोना काल में नेताओं को जनता से दूर रहना पड़ा महंगा, बक्सर में चिपकाया गया अश्विनी चौबे लापता का पोस्टर

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क: बक्सर के वर्तमान सांसद सह केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री अश्विनी कुमार चौबे का लापता होने की पोस्टर चिपकाये जाने से न केवल आमजनों बल्कि राजनीतिक गलियारों में चर्चा का बाजार गर्म हो गया है. बक्सर जिले में जगह-जगह केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री और स्थानीय सांसद अश्विनी चौबे के लापता होने वाले पोस्टर लगाए गए हैं. विपक्ष से जुड़े नेता आरोप लगा रहे हैं कि स्थानीय सांसद ने पिछले 6 महीने से बक्सर की जनता की सुध नहीं ली.

विधानसभा चुनाव करीब होने की वजह से जिले की राजनीति भी गरमा रही है. अश्विनी चौबे के विरोधियों का कहना है कि बाहर से आने वाले उम्मीदवार जिले की जनता के साथ अक्सर यही बर्ताव करते हैं. जनता का वोट लेते हैं और फिर दिल्ली में जाकर बैठ जाते हैं. एनएसयूआई से जुड़े कार्यकर्ताओं ने बक्सर में जगह-जगह अश्विनी चौबे लापता वाला पोस्टर लगाया है.



एनएसयूआई जिलाध्यक्ष अनुराग राज त्रिवेदी के द्वारा बताया कि जिले की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था से बक्सर की जनता त्रस्त है. उन्होंने कहा कि इस कोरोना वैश्विक महामारी में हमारे बक्सर के सांसद ने एक बार भी बक्सर आकर बक्सर की जनता का हालचाल नहीं लिया.

सांसद अश्विनी चौबे बक्सर के सांसद के साथ साथ केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री भी है. लेकिन उनसे अपना संसदीय क्षेत्र बक्सर भी नहीं सम्भल रहा. वो पूरे देश की स्वास्थ्य व्यवस्था को क्या सुधारेंगे? उनका कहना था कि बक्सर की स्वास्थ्य सुविधा बदहाल है, लेकिन उन्हें इससे कोई मतलब नहीं है. पोस्टर के अनुसार जो भी व्यक्ति बक्सर के सांसद को ढूंढ कर लाएगा उसे उचित इनाम दिया जाएगा.

बता दें कि कोरोना काल में नेताओं को जनता से दूर रहना महंगा पड़ रहा है. रोहतास जिला के करगहर तथा कोचस में इन दिनों स्थानीय भाजपा सांसद छेदी पासवान के लापता होने की पोस्टर चिपकाए जा रहे हैं. आरोप है कि पिछले कई महीनों से सांसद क्षेत्र में नहीं आए है. इसलिए लापता का पोस्टर चिपकाया गया है. यह पोस्टर कांग्रेस के प्रदेश महासचिव बताने वाले अखिलेश त्रिपाठी के नाम से चिपकाया गया है.