लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : पीएमसीएच के ऑर्थोपेडिक्स डिपार्टमेंट में एचओडी द्वारा प्राइवेट कंपनी की दवाई लिखे जाने को लेकर बिहार में सियासत गर्म हो गई है. चमकी बुखार से मासूम बच्चों की मौत और बिहार में गिरती विधि व्यवस्था के बाद अब विपक्ष सरकार को इस मुद्दे पर लगातार निशाने पर ले रही है. राजद के प्रदेश अध्यक्ष रामचंद्र पूर्वे ने बिहार की नीतीश सरकार को बयानबाजियों का सरकार बताया है.

PMCH में दलालों का बोलबाला

पीएमसीएच के मामले पर बोलते हुए राजद के प्रदेश अध्यक्ष रामचंद्र पूर्वे ने बिहार सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि दुनिया का प्रतिष्ठित अस्पताल PMCH में दलालों का बोलबाला है. उन्होंने आगे कहा कि दलाल जो दवाई लिखने को बोलता है वहीं दवाइयां पीएमसीएच के डॉकटर लिखने को मजबूर हैं. पूर्वे ने आगे कहा कि बायपास पर कुकुरमुत्ता की तरह नर्सिंग होम खुल गया है. और प्रत्येक नर्सिंग होम के द्वारा दलाल फिट किया गया है कि मरीज मेरे यहां लाना है.

उन्होंने कहा कि जितने प्राइवेट नर्सिंग होम है सबका कनेक्शन अनुमंडल और जिला स्तर के सरकारी अस्पतालों से है. इसलिए मरीजों को प्राइवेट हॉस्पिटल में रेफर किया जाता है. राजद के वरिष्ठ नेता रामचंद्र पूर्वे ने कहा कि अगर ये सरकार जीरो टॉलरेंस पर चलती है तो स्वास्थ्य विभाग में चल रहे घोटाले की जांच करवाए. तभी हम मानेंगे कि ये सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम करती है.

वहीं कांग्रेस एमएलसी ने भी इस मामले पर सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि इस मामले में ऑर्थो विभाग के एचओडी को बचाने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने कहा कि इस मामले में उच्च पदों पर बैठे लोगों की सांठ-गांठ है और सभी लोगों की इस कमाई में हिस्सेदारी है.

PMCH: प्राइवेट कंपनी की दवा लिखने का मामला, तीन सदस्यीय टीम ने सौंपी रिपोर्ट

बता दें कि कल मामले को लेकर विपक्ष ने विधानपरिषद में जमकर हंगामा किया था. मामले में पीएमसीएच के ऑर्थो विभाग के एचओडी पर प्राइवेट दवा कंपनियों से सांठ-गांठ का आरोप है. हालांकि मामले में तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की गई थी जिसने 72 घंटे में ही जांच के बाद रिपोर्ट प्रिंसिपल को सौंप दी है. अब यह रिपोर्ट अध्ययन के बाद स्वास्थ्य विभाग को भेजा जाएगा.