पीएम मोदी को HAM नेता महाचंद्र प्रसाद ने लिखी चिट्ठी, गरीब सवर्णों को दिया जाए 23% आरक्षण

लाइव सिटीज डेस्क : बिहार सरकार के पूर्व मंत्री एवं हम(से०) के नेता डॉ० महाचन्द्र प्रसाद सिंह ने आज प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर कहा है कि सवर्णों के आरक्षण पर देश में चर्चा तेजी पर है,देश में राजनीतिक तौर पर एन०डी०ए० एवं महागठबंधन के अधिकतर दलों ने सवर्णों के आरक्षण का समर्थन सार्वजनिक रूप से कर रहे है. साथ ही साथ डॉ० सिंह ने यह भी कहा कि बिहार में सवर्णों के गरीबी के आधार पर आरक्षण के लिए जनवरी 2011 में सवर्ण आयोग बना था. लेकिन आयोग का एक भी रिपोर्ट सामने नही आया है.

उन्होंने कहा कि ये सच है कि सवर्णों में भी लोग गरीबी से भूखे मर रहे है,बिहार में कई घटनाएँ घट चुकीं है. नये आकड़ों के अनुसार सवर्णों की संख्या देश में 23% है. डॉ० सिंह ने कहा कि हम(से०) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतनराम मांझी मुख्यमंत्री काल से ही गरीब सवर्णों को आरक्षण मिले इसके पक्ष में बोलते आ रहे है. सौभाग्य है कि कई दल के नेताओं द्वारा आवाज उठाया जा रहा है. डॉ० ने अपने पत्र में कहा कि हमें ऐसा लगता है कि गरीब सवर्णों का आरक्षण सर्वदलीय मुद्दा हो गया है और अधिकतर दल चाहते भी है कि गरीब सवर्णों को आरक्षण मिले.

अरुण शौरी, बीजेपी, नरेंद्र मोदी, कश्मीर, सैफुद्दीन सोज, सर्जिकल स्ट्राइक, कांग्रेस, arun shauree, pm modi, bjp, narendra modi
नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री, भारत

इसलिए ऐसें संवेदनशील मुद्दे पर भारत सरकार को गंभीरता से विचार करते हुए गरीब सवर्णों की आबादी के अनुसार 23% आरक्षण देने के सम्बन्ध में तुरंत निर्णय लेने का मांग किये है. डॉ० सिंह ने यह भी कहा कि जरुरत पड़े तो लोकसभा में विशेष सत्र बुलाकर संविधान में संशोधन का निर्णय किया जाए.

गवर्नर से मिले महाचंद्र प्रसाद, बिहार बोर्ड से ग्रेजुएशन में दाखिले का अधिकार छीनने की रखी मांग

उन्होंने कहा कि साथ ही साथ बिहार सरकार को प्रधानमंत्री जी निदेशित करे कि जिस उदेश्य से सवर्ण आयोग का गठन हुआ था उस सम्बन्ध में सवर्ण आयोग अपनी अनुसंसा तुरंत सार्वजनिक करे,जिसे की बिहार सरकार और भारत सरकार मिलकर गरीब सवर्णों को आरक्षण के साथ-साथ देश के स्तर पर गरीबो के लिए जो भी योजनायें है उसका भी लाभ गरीब सवर्ण को मिल सके. डॉ० सिंह ने कहा कि संयोग से लोकसभा और राज्यसभा में एन०डी०ए० का बहुमत भी है.

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*