लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क: लोकसभा व विधान चुनाव को लेकर अभी से ही रणनीति बननी शुरू हो गई है. आरोप-प्रत्यारोप के साथ जोड़तोड़ की भी राजनीति शुरू हो गई है. आपको बता दें कि बिहार में सियासी हलचल तेज होने लगी है. सूत्रों की खबर एनडीए से उपेंद्र कुशवाहा की छुट्टी के बाद अब रालोसपा के बागी विधायक ललन पासवान ने कहा है कि उपेंद्र जहां सीएम का पद मिलेगा वहीं जाएंगे. विधायक ने कहा है कि हम तो एनडीए के साथ ही रहेंगे.

ललन पासवान ने कहा कि अब उपेंद्र कुशवाहा बाहर जाएंगे कि भीतर जाएंगे इसके लिए वह स्वतंत्र हैं बाकी हम एनडीए में हैं और रहेंगे. विधायक ने कहा कि उपेंद्र कुशवाहा का साथ देने वाले दर्जनों लोग हमारे साथ हैं. विधायक ने कहा कि उपेंद्र कुशवाहा मुख्यमंत्री के उम्मीदवार हैं जहां उनको यह पद मिलेगा वहीं जाएंगे बाकी हम तो एमएलए के उम्मीदवार हैं. हम एनडीए में ही रहेंगे. हमारे लोग हमारे साथ है. उनके सैटलमेंट की बात आई तो एनडीए के साथ होंगे. गौरतलब है कि नीतीश कुमार के नीच वाले बयान के बाद उपेंद्र कुशवाहा नाराज हैं. उपेंद्र कुशवाहा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर नीतीश कुमार के बयान पर कड़ा विरोध जताया था.

आपको बता दें कि दिल्ली में अपने आवास पर जहानाबाद से सांसद अरुण कुमार मीडिया के सामने आए. प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरएलएसपी चीफ उपेंद्र कुशवाहा का समर्थन करते नजर आए. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के ‘नीच’ शब्द से वो आहत हैं. अगर गलती से या फिर अहंकार की वजह से नीतीश कुमार ने ऐसा बोला तो माफी मांगे. अरुण कुमार यहीं नहीं रुके. उन्होंने कहा कि ये सिर्फ उपेंद्र कुशवाहा से जुड़ा मामला नहीं है बल्कि पूरे कुशवाहा समाज की बात है. वहीं उन्होंने उन निजी मीडिया चैनल के एंकर से नीतीश के बातचीत के तरीके को अहंकारी बताया. नीतीश कुमार सामंतवादी हैं.

उन्होंने आगे कहा कि प्रियंका गांधी ने भी नीच शब्द का प्रयोग किया था. उस वक्त नरेंद्र मोदी ने उसे अपनी जाति से जोड़कर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश की थी. अरुण कुमार ने 13 नवंबर की रात पटना के पालीगंज में रालोसपा प्रखंड प्रमुख की हत्या मामले में भी खुलकर बोला. उन्होंने कहा कि आरएलएसपी के पार्टी वर्कर को मारा जा रहा है. ये स्टेट टेरेरिज्म है.

आपको बता दें कि उपेंद्र कुशवाहा के मुताबिक सीएम नीतीश कुमार ने उनके लिए ऐसे शब्द का इस्तेमाल किया था जिससे वो बहुत आहत हुए थे. उन्होंने कहा था कि मैं नीतीश जी को बड़ा भाई मानता हूं, लेकिन उन्होंने मेरे लिए जिस शब्द का प्रयोग किया वो सही नहीं है. पटना की सड़कों पर भी कुशवाहा समाज ने नीतीश कुमार का भारी विरोध किया.