बिहार को विकसित राज्य बनाएंगे, सदन में विपक्ष को सीएम नीतीश ने ऐसे दिया जवाब…पढ़िए मुख्यमंत्री का पूरा संबोधन

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान विधानसभा में विपक्ष के सवालों को सीएम (CM) नीतीश (Nitish Kumar) ने जवाब दिया. नेता प्रतिपक्ष द्वारा उठाए गए तमाम सवालों का मुख्यमंत्री ने एक-एक कर तथ्यों के साथ जवाब दिया. उन्होंने कोरोना काल में बिहार में सबसे ज्यादा काम हुआ है. देश में सबसे ज्यादा जांच बिहार में हुआ है. सरकार के काम के परिणामस्वरूप राज्य में कोरोना रिकवरी रेट देश के औसत रेट से ज्यादा है.

कोरोना काल में बिहार का काम बेहतर



सीएम नीतीश ने कहा कि अभी भी हमलोगों को कोरोना से सतर्क रहने की जरूरत है. सभी को मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का पालना करना चाहिए. कोरोना काल में सरकार ने हर काम किया.लोगों को जागरूक करने से लेकर उनकी जांच की व्यवस्था की गयी. सरकार के प्रयास के कारण ही आज देश में कोरोना रिकवरी रेट 97.3 फीसदी है जबकि बिहार में 99.2 फीसदी है. एक-एक दीन के आंकड़ों की मॉनिटरिंग हुई है. अब तक 5 लाख 26 हजार लोगों को कोरोना टीका दी जा चुकी है. आगे में काम चल रहा है. उन्होंने नेता प्रतिपक्ष के सवालो का जवाब देते हुए कहा कि सरकार के संज्ञान में जो भी  बातें आती है उसपर कार्रवाई की जाती है. किसी भी चीज को हम लोग यूं हीं नहीं छोड़  देते हैं.

बिहार में क्राइम पर कंट्रोल-सीएम

बिहार में अपराध पहले के अपेक्षा काफी कम हुआ है. मुख्यमंत्री ने विपक्ष के आरोप का जवाब देते हुए कहा कि केन्द्र सरकार की ओर से जारी आकंड़े को देखे तो उनलोगों को मालूम हो जाएगा. अपराध के मामले में बिहार 21वें स्थान पर है. कुछ लोग होते हैं जो अपना काम पूरी निष्ठा से नहीं निभाते हैं. ऐसे लोगों का क्या किया जा सकता है. इतने बड़े राज्य में एकाध अपराधिक घटनाएं हो ही जाती है.

बिहार का विकास दर लगातार बढ़ रहा

बिहार में विकास का काम हो रहा है. 2019-20 में स्थिर मूल्यों पर औसत दर 10.5 फीसदी था. लेकिन 2020-21 के कोरोना काल में थोड़ा कम हुआ. 2005 में बजट का आकार 23 हजार करोड़ था अब 2 लाख 18 हजार करोड़ 303 लाख हो गया. 2004-05 में प्रति व्यक्ति आय 7914 रूपया था आज प्रति व्यक्ति 50,735 रूपया हो गया. दूसरे राज्य की तुलना में बिहार में कम खर्च में काम होता है. आज कोई भूख से नहीं मर रहा है, पहले किसी गांव की स्थिति ऐसा नहीं थी. आज मजदूर की स्थिति ऐसी हो गयी हैं कि उसके घर चार-पांच लोग पहुंच जाए तो उसको भी भोजन करा देते हैं.

बिहार में सड़कों का जाल बिछाया गया

बिहार में पुल, पुलिया और सड़कों का जाल बिछाने का काम किया गया.बिहार में हर तरह का काम हो रहा है. बिहार में सड़क और पुल का मरम्मत की जिम्मेवारी निर्माण कंपनी की होगी.. लोक शिकायत निवारण कानून में खराब सड़क की शिकायत की जा सकती है. सड़क मेंटेनेंस का काम निर्माता कंपनी नहीं करती हैं तो उसपर कार्रवाई होगी. सड़क, बिल्डिंग के रखरखाव के लिए संबंधित विभाग काम करे, इसकी व्यवस्था की गयी है.

अब इंजीनियर ऑफिस में नहीं सड़क पर उतरकर जिम्मेवारी संभालेंगे

अब इंजीनियर सिर्फ ऑफिस में बैठक काम नहीं करेंगे, उन्हें भी सड़क पर उतरकर कामों को देखना होगा. किसी भी काम के लिए टेंडर होता है, गड़बड़ी करने वालों पर एक्शन होता है. सीएम नीतीश ने सदन से सभी सदस्यों से कहा कि कहीं कोई गड़बड़ी देखिए, मैं हाथ जोड़कर प्रार्थाना करता हूं तुरंत सरकार को बताएं.आपके क्षेत्र में कहीं कोई कमी हैं, कहीं मेंटेनेंस नहीं हो रहा तो पत्र या सीधे मुझसे संपर्क करिए. उसपर कार्रवाई होगी.. गांवों में सड़कों का शेष निर्माण काम इसी वित्तीय वर्ष में पूरा करा लिया जाएगा.

बिहार में बिजली के क्षेत्र में बहुत काम किया गया

आज की बिजली की स्थिति पहले थी क्या?  अब घर-घर तक बिजली पहुंचा दिया गया. पहले बिहार में 700 मेगावाट बिजली खपत थी , आज 5900 मेगावाट खपत हो रही है..अब खेत के लिए बिजली पहुंचाने का काम किया जाएगा.. प्री-पेड स्मार्ट मीटर लग रहा है, लोक शिकायत निवारण कानून में सबसे ज्यादा शिकायत बिजली रेट को लेकर आने लगी तो हमलोगों ने प्री-पेड मीटर लगाने का निर्णय लिया. एक लाख से ज्यादा प्री-पेड मीटर लग गया. बिहार में बिजली का दर ज्यादा होने के विपक्ष के आरोप पर सीएम नीतीश ने कहा कि बिहार को सबसे ज्यादा दर पर बिजली मिलती है, 4.5 रूपया रेट पर बिजली मिलती है.. नीति आयोग की बैठक में हम लोगों ने एक देश एक रेट की मांग की है.

कृषि क्षेत्र में सरकार से प्रयास से बेहतर परिणाम

कृषि के क्षेत्र में काम हुआ, एक हेक्टेयर में उत्पादकता बढ़ी है. कृषि रोडमैप के कारण उत्पादकता बढ़ी है. बिहार में जैविक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है.नालंदा में जैविक खेती देखकर बिहार के अन्य जिलों में बढ़ावा दिया जा रहा है. जल जीवन हरियाली अभियान विधानमंडल के संयुक्त मत से चालू कराया गया. जल जीवन हरियाली अभियान का सात अंश है. जल और हरियाली है तो जीवन सुरक्षित है. एक साल में 3 करोड़ से ज्यादा पौधे लगाए गए, कोरोना काल में यह काम किया गया. मौसम अनुकूल खेती को सरकार बढ़ावा दे रही है.. बिहार में पहले अधिप्राप्ति नहीं होती थी, एफसीआई कुछ-कुछ करता था. 2001 में 12 हजार मीट्रिक टन धान की अधिप्राप्ति होती थी. अब 2011-12 में धान की अधिप्राप्ति हो गयी 21 लाख 59 हजार मैट्रिक टन हो गयी.

2005 से पहले बिहार में धान अधिप्राप्ति होती थी क्या?

इस बार 21 फरवरी तक सभी किसानों से धान की खरीद की गयी.व्यापारी लोग अब धान को बेचने के लिए अपने आप को किसान बता रहे हैं. बिचौरियां को हमारी सरकार लूटने नहीं देगी. इस बार अभी तक 35 लाख 59 हजार मैट्रिक टन से ज्यादा धान की अधिप्राप्ति हो गयी.. यह ठीक हैं कि बिहार में उद्योग नहीं लगा, रोजगार नहीं बढ़ा, इसपर हम लोग काम कर रहे हैं.