माध्यमिक व उच्च माध्यमिक परीक्षा का बहिष्कार करेंगे केंद्राधीक्षक

हाजीपुर : वर्ष 2016 की वार्षिक माध्यमिक व उच्च-माध्यमिक परीक्षा हेतु जिला शिक्षा पदाधिकारी की ओर से परीक्षा केंद्र के रूप में प्रयुक्त करने को ले चयनित जिले के कई विद्यालयों के केंद्राधीक्षकों के परीक्षा केंद्र संचालन के क्रम में व्यय की गई राशि का अब तक भुगतान नहीं किए जाने के कारण आक्रोशित केंद्राधीक्षकों ने वर्ष 2017 के परीक्षा सत्र में आयोजित होने वाली माध्यमिक, उच्च-माध्यमिक परीक्षाओं का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है.

इस संबंध में बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ की वैशाली जिला इकाई के अध्यक्ष अखिलेश झा एवं जिला सचिव अमीर प्रसाद की ओर से शुक्रवार को दी गई सूचना में कहा गया है कि बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के आदेश पर डीईओ की ओर से वर्ष 2016 के परीक्षा सत्र की परीक्षाओं के सफल आयोजन हेतु जिले के कई विद्यालयों को परीक्षा केंद्र के रूप में प्रयुक्त करने को ले इन विद्यालयों के प्राचार्यों को निर्देश जारी किया गया था. जिसके आलोक में परीक्षा केंद्र के रूप में प्रयुक्त इन सभी विद्यालयों के केंद्राधीक्षकों की ओर से वर्ष 2016 की माध्यमिक, उच्च-माध्यमिक परीक्षाओं के सफल आयोजन हेतु अपने स्तर पर एक बड़ी राशि खर्च की गई थी.

केंद्राधीक्षकों द्वारा खर्च की गई राशि का भुगतान समय पर कर दिए जाने को ले डीईओ को बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की ओर से पूर्व में ही राशि आवंटित की जा चुकी है. बावजूद डीईओ की ओर से परीक्षा केंद्र बने विद्यालयों के केंद्राधीक्षकों को अब तक यह राशि नहीं भेजी गई है. माध्यमिक शिक्षक संघ जिलाध्यक्ष अखिलेश झा एवं सचिव अमीर प्रसाद ने कहा कि परीक्षा केंद्र संचालन के क्रम में केंद्राधीक्षकों द्वारा व्यय की गई राशि के भुगतान को ले संघ प्रतिनिधियों ने कई बार डीईओ से अनुरोध भी किया.

बावजूद अब तक डीईओ ने केंद्राधीक्षकों की व्यय की गई राशि का भुगतान नहीं किया. इसके साथ ही तृतीय व चतुर्थ वर्गीय कर्मियों को एसीपी का लाभांश देने व तृतीय वर्ग से चतुर्थ वर्गीय कर्मी के रूप में प्रोन्नत करने संबंधी उच्च न्यायालय से मिले आदेश पर भी डीईओ की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई. संघ के जिलाध्यक्ष अखिलेश झा एवं सचिव अमीर प्रसाद ने कहा कि डीईओ की हठधर्मिता से परेशान शिक्षकों की लंबित इन समस्याओं के निष्पादन हेतु एक सप्ताह के अंदर आदेश-पत्र निर्गत नहीं किया जाता है तो संघ के बैनरतले जिले के सभी शिक्षक आंदोलन करने को बाध्य होंगे. ऐसी स्थिति में पठन-पाठन प्रभावित होने की सारी जिम्मेदारी जिला शिक्षा पदाधिकारी की होगी.

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