रेलवे ने दिव्यांगों को दिया है ‘हैप्पी जर्नी’ तोहफा, जानिये

लाइव सिटीज डेस्क: एक वाकया शायद आपको याद हो. नागपुर—निजामुद्दीन गरीब रथ एक्सप्रेस में अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता पारा एथलीट सुवर्ण राज को उपलब्ध न रहने के कारण लोअर बर्थ नहीं मिल पाया था. उन्हें अपर बर्थ एलॉट कर दिया गया था. एक दिव्यांग के लिए अपर बर्थ पर चढ़ पाने में क्या परेशानियां आ सकती हैं, समझा जा सकता है. जाहिर है वह अपर बर्थ उनके किसी काम का नहीं था. अनुनय—विनय पर भी शायद सहयात्रियों का दिल उनपर नहीं पसीजा. मजबूरन वे क्या कर सकते थे! पूरी रात उन्होंने ट्रेन के फ्लोर पर सोकर गुजारी और परेशान होकर अपना सफर पूरा किया. तब मीडिया में इस वाकये की व्यापक चर्चा हुई थी.


अब दिव्यांगों को शायद ऐसी किसी परेशानियों से नहीं जूझना पड़े. भारतीय रेल ने 3AC कोच का लोअर बर्थ दिव्यांगों के लिए आरक्षित करने का फैसला लिया है. उनके लिए मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में कोटा निर्धारित किया जा रहा है ताकि वे बिना किसी परेशानी के यात्रा का आनंद ले सकें. बता दें कि फिलहाल उनके लिए स्लीपर क्लास के कंपार्टमेंट लोअर बर्थ का कोटा निर्धारित है.

प्रतीकात्मक फोटो

अब 3AC में उन्हें यह सुविधा प्रदान कर बहुत हद तक उनकी पीड़ा कम की जा सकेगी. रेलवे के इस निर्णय के बाद 3AC कोच में दिव्यांगों के लिए कोटा निर्धारित रहेगा और वे परेशानी से मुक्त हो अपनी यात्रा पूरी कर पाएंगे. एक वरिष्ठ रेल अधिकारी के मुताबिक, इस सुविधा के लिए आवश्यक सॉफ्टवेयर विकसित किया गया है. सिस्टम को इससे लैस किया गया है.


सच में, रेलवे के इस फैसले से व्हील चेयर की मदद से चलने वाले पदक विजेता पारा एथलीट सुवर्ण राज की पीड़ा भले कम न हुई हो लेकिन उन्हें थोड़ा सुकून जरूर मिला होगा. जैसा कि आप जान चुके हैं कि उन्हें नागपुर—निजामुद्दीन गरीब रथ एक्सप्रेस में लोअर बर्थ मिल नहीं पाया था और अपर बर्थ जो उन्हें आवंटित हुआ था, उस पर चढ़ पाना उनके लिए मुमकिन नहीं था और इसके बाद ट्रेन की सतह पर सोकर उन्हें पूरी रात गुजारनी पड़ी थी और इसी तरह अपना सफर पूरा करना पड़ा था. तब यह खबर मीडिया में सुर्खियां बनीं थीं.

सोशल मीडिया में भी तब इसके खूब चर्चे हुए थे. खबर वायरल होने के बाद रेल मंत्री सुरेश प्रभु को एक्शन में आना पड़ा था. इसके बाद ही उन्होंने आदेश दिया था कि कुछ ऐसे सुधारात्मक उपाय किए जाएं ताकि भविष्य में ऐसी पीड़ादायी खबरें फिर से सुनने को न मिले.


सूत्रों के मुताबिक, इस सप्ताह ही रेलवे दिव्यांगों के लिए 3AC कोच में लोअर बर्थ का कोटा आरक्षित करने के संबंध में घोषणा करने जा रही है. इतना ही नहीं दिव्यांगों को प्लेटफॉर्म तक जाने में कोई असुविधा न हो इसके लिए भी रेलवे सभी स्टेशनों पर उनके लिए समुचित सुविधा एवं अनुकूल व्यवस्था उपलब्ध कराने जा रही है. बता दें कि देश में कई बड़े स्टेशनों पर प्रतीक्षालयों में भी दिव्यांगों के अनुकूल ट्वॉयलेट की सुविधा उपलब्ध है और कई कोचों में दृष्टि बाधित दिव्यांग यात्रियों की सुविधा के लिए ब्रेललिपि में संकेत सुविधा भी उपलब्ध करायी जा चुकी है.

उम्मीद करनी चाहिए कि दिव्यांगों के लिए रेलवे की जर्नी अब हैप्पी जर्नी साबित होगी.