BHU कैंपस में अब लड़कियां भी चिकन खाएंगी, चियर्स करेंगी

लाइव सिटीज डेस्क : छात्रा के साथ कथित छेड़छाड़ के बाद मचे बवाल ने बीएचयू के 101 साल पुराने इतिहास को भी बदल दिया. पहली बार एक महिला को बीएचयू का चीफ प्रॉक्टर नियुक्त किया गया है. अब प्रो. रोयाना सिंह को चीफ प्रॉक्टर बनाया गया है. प्रो. रोयाना सिंह ने शुक्रवार को मीडिया के सामने बेबाकी से अपनी बात रखी. उन्होंने माना कि 21 सितम्बर से 24 सितम्बर के बीच जो कुछ भी कैंपस में हुआ, उसकी वजह छात्राओं और यूनिवर्सिटी प्रशासन के बीच संवादहीनता थी.

अब बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में छात्राओं के लिए ड्रेस और शराब को लेकर कोई पाबंदी नहीं होगी. नई महिला प्रॉक्टर रोयाना सिंह ने कहा, “जहां तक शराब पीने का मामला है, यहां की सभी लड़कियों की उम्र 18 साल से अधिक है, हमें क्यों इस तरह के विचारों पर प्रतिबंध लगाना चाहिए?” प्रॉक्टर ने महिला छात्रावास के मेस में मांसाहारी खाने पर प्रतिबंध से इनकार किया है. वहीं विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफ़ेसर जीसी त्रिपाठी ने कहा है कि अगर उन्हें छुट्टी पर भेजा जाएगा तो वो इस्तीफ़ा दे देंगे.

प्रो. रोयाना सिंह ने कहा कि,’ मैं यूरोप में पैदा हुई थी. मैं अक्सर यूरोप और कनाडा जाती रहती हूं. लड़कियों के पहनावे पर प्रतिबंध को मैं खुद पर प्रतिबंध लगाने जैसा मानती हूं. आप सुबह छह बजे से लेकर रात 10.30 बजे तक काम करते हैं. इसके बाद भी अगर आप आरामदेह कपड़े नहीं पहनेंगे तो ये इस ज़माने में शर्मिंदगी वाली बात है. मुझे आश्चर्य होता है जब लड़के ऐसी लड़कियों पर कटाक्ष करते हैं. अगर एक लड़की वो पहनती है, जिसमें वह आरामदेह महसूस करती है तो इसमें गलत क्या हैं?’

बीएचयू की नई चीफ प्रॉक्टर रोयाना सिंह, यूनिवर्सिटी के मेडिकल इंस्टीच्यूट में एनाटॉमी विभाग की प्रोफेसर हैं. वह फ्रांस के कस्बे रोयान में 1980 के दशक में 9 साल तक रही हैं. जहां तक लड़कियों के शराब पीने का मामला है, प्रो. रोयाना सिंह की सोच साफ है, उनका कहना है कि,’सभी लड़कियां 18 साल की उम्र से ​अधिक हैं तो हम कैसे उनकी सोच और आदतों पर प्रतिबंध लगा सकते हैं. मेरे मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में भी शाकाहारी खाना मिलता था. लेकिन कुछ तय दिनों में हमें नॉनवेज खाना भी दिया जाता था.’

उन्होंने कहा कि वे आने वाले दिनों में छात्राओं और यूनिवर्सिटी प्रशासन के बीच कम्युनिकेशन गैप को खत्म करने में एक पुल की तरह काम करेंगी. उन्होंने कहा कि बतौर चीफ प्रॉक्टर उनकी पहली प्राथमिकता कैंपस में शांति बहाल करना और छात्राओं की सुरक्षा होगी. प्रो. सिंह ने कहा कि छात्राओं की सुरक्षा के लिए महिला गार्डों की नियुक्ति जल्द ही की जाएगी. उन्होंने कहा कि छात्राओं की समस्याओं के मुद्दे पर एक कमेटी गठित की जाएगी. जिसमें बच्चे या यूं कहें कि छात्राएं भी होंगी. इस कमेटी की मदद से सभी समस्याओं का निस्तारण किया जाएगा.

आपको बता दें बीएचयू में बीते दिनों एक छात्रा से छेड़छाड़ के बाद छात्राओं का धरना हुआ था जिसके बाद पुलिस की लाठीचार्ज के बाद मामला और बिगड़ गया. पूरे मामले की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए चीफ प्रॉक्टर ओएन सिंह ने बुधवार को इस्तीफा दे दिया. अब एक महिला प्राक्टर की नियुक्ति की गई है. उम्मीद की जा रही है कि आगे के दिनों में बीएचयू महिला अपराध और छेड़छाड़ जैसी घटनाओं से निजात पाने में सफल होगा.

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