भाजपा सांसद ने एक और पुलिसकर्मी को धमकाया, कहा – हमें रोकोगे तो मर जाओगे

लाइव सिटीज डेस्क : सत्ताधारी भाजपा नेताओं की दबंगई और पुलिसकर्मियों पर अपने सत्ताधारी होने की हनक दिखाने की घटना एक बार फिर नजर आई है. मामला पश्चिम बंगाल का है. दो समुदायों के बीच झड़प के बाद सुर्ख़ियों में आये बशीरहाट में प्रशासन ने  नेताओं के प्रवेश पर रोक लगा दिया है. उधर भाजपा ने अपने तीन नेताओं को इलाके की ताजा स्थिति की जानकारी लेने भेजा है.

इसी क्रम में भाजपा के तीन सांसद मीनाक्षी लेखी, ओम माथुर और सत्यपाल सिंह बशीरहाट के लिए रवाना हुए थे. लेकिन उन्हें इलाके में घुसने से पहले ही पुलिस द्वारा रोक दिया गया. तीनों भाजपा सांसदों को हिरासत में लिया गया और कोलकाता एयरपोर्ट पुलिस स्टेशन ले जाया गया. इस दौरान बशीरहाट जाने से रोकने पर सांसदों और पुलिस के बीच काफी बहस भी हुई. बहस के क्रम में बागपत से भाजपा सांसद ओम माथुर ने पुलिस अधिकारी को धमकी भरे अंदाज में कहा कि हमें रोकोगे तो मर जाओगे.

दरअसल, ओम माथुर ने पुलिस अधिकारी से कहा कि आपने किस आधार पर गाड़ी रोकी. हम सांसद हैं पता है ना. Privilege motion (विशेषाधिकार हनन) आ गया तो मर जाओगे. इस पर पुलिस अधिकारी ने कहा – मैं आपसे रिक्वेस्ट कर रहा हूं. आप आगे नहीं जाएंगे. दिक्कत हो सकती है.

इसके बाद बागपत लोकसभा के बीजेपी सांसद डॉ. सत्यपाल सिंह ने कहा – एक तो हम लोगों को कानून मालूम है. आपको मेरा बैकग्राउंड भी पता होगा. अभी हम लोग सांसद है. सांसद के कुछ विशेषाधिकार होते हैं. उनको ऐसे रोकोगे तो आपको कल दिक्कत होगी. हम कुछ गड़बड़ करने नहीं जा रहे, सिर्फ स्थिति देखने जा रहे है.

वहीँ मीनाक्षी लेखी ने पुलिसकर्मियों से पूछा कि जैसा कि राज्य सरकार दारा कर रही है कि बशीरहाट में स्थिति नियंत्रण में है तो उन्हें वहां जाने की इजाजत क्यों नहीं दी जा रही? उन्होंने पुलिसर्किमयों से कहा – हम  सांसद हैं और सिर्फ हम तीन ही लोग वहां जायेंगे. आप हमारे साथ चलिये. लेकिन पुलिसवालों ने उन्हें इसकी इजाजत नहीं दी.

गौरतलब है कि बशीरहाट में सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक पर एक विवादित पोस्ट के बाद दो समुदाय में झड़प हो गई थी. केंद्र ने शांति बहाली के लिए अर्ध-सैनिक बलों की टुकडियां तैनात की हैं. आक्रोशित भीड़ ने मंगलवार को बदुरिया, बशीरहाट, हरोआ, स्वरूपनगर और देगंगा में हिंसा की थी.

इससे पहले यूपी के बुलंदशहर में ट्रैफिक रूल तोड़ने पर महिला अधिकारी ने भाजपा नेता का चालान काट दिया था. चालान काटे जाने के बाद उक्त नेता और महिला पुलिस अधिकारी श्रेष्ठा ठाकुर में काफी कहासुनी हुई. इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ था.

बाद में महिला पुलिस अधिकारी का बुलंदशहर से बहराइच तबादला कर दिया गया था.