जेएनयू के लापता छात्र नजीब का सुराग दीजिए और CBI से लीजिए 10 लाख का इनाम

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लाइव सिटीज डेस्क: जेएनयू के छात्र नजीब अहमद को गायब हुए आठ माह से ज्यादा का वक्त बीत चुका है. इतने दिनों के बाद भी उसका कुछ अता—पता नहीं है. घर के लोग परेशान हैं. जवाहर लाल नेहरू (JNU) के उसके साथी—संगी परेशान हैं. इतने दिनों के बाद CBI की ओर से एक पहल हुई है. आज CBI ने नजीब का अता पता बताने या उसके बारे में कोई सुराग देने वाले को 10 लाख रूपये का ईनाम देने की घोषणा की है. CBI ने इसके लिए कई नंबर जारी किए हैं और लोगों से नजीब के बारे में उपलब्ध कोई जानकारी उक्त नंबर पर शेयर करने की अपील की है. CBI द्वारा जारी नंबर है— 011-24368641, 24368638, 24368634 और 9650394796.

जिन लोगों के भी पास नजीब के संबंध में किसी तरह की जानकारी हो तो CBI को जानकारी उपलब्ध करा सकता है. CBI नजीब के JNU से लापता हो जाने के मामले की जांच कर रही है. इस क्रम में CBI की टीम JNU के मांडवी हॉस्टल गए थे, जहां से नजीब के गायब होने की जानकारी मिली थी.

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नजीब ​की मां फातिमा नफीस हाल ही मेें मामले की जांच कर रहे CBI के अधिकारियों से मिली थीं और हॉस्टल से अपने पुत्र नजीब के गायब होने के पूर्व की घटनाओं का सिलसिलेवार विवरण उपलब्ध कराया था. उन्होंने अधिकारियों को बताया कि नजीब छुट्टियों के बाद 13 अक्तूबर, 2016 को कैंपस लौटा था. घटना के दिन के बारे में फातिमा ने बताया कि 15—16 अक्तूबर की रात नजीब ने उसे फोनकर बताया था कि वहां सबकुछ ठीक नहीं है. बाद में उसके रूममेट ने यह जानकारी दी थी कि लड़ाई—झगड़े में वह जख्मी हो गया था.

फातिमा ने आगे यह भी जानकारी दी कि नजीब के लापता होने की सूचना के बाद वह बस से यूपी के बुलंदशहर से दिल्ली के लिए चल पड़ी. जब वह आनंद विहार पहुंच चुकी थी तो फोन पर उसने उस होटल में आकर मिलने को कहा जहां वह ठहरी हुई हैं. अपनी शिकायत में उन्होंने कहा कि नजीब का कुछ भी पता नहीं चला. इसके बाद वह मांडवी हॉस्टल पहुंची जहां कमरा नंबर 106 में नजीब रहता था.

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जब दिल्ली पुलिस उसे ढूंढ निकालने में नाकाम रही तो फातिमा ने दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दायरकर CBI से दखल देने की मांग की.

इसके बाद 16 मई को Justices G S Sistani और Rekha Palli की पीठ ने मामले की जांच की जिम्मेवारी CBI को सुपर्द कर दी और साथ ही यह निर्देश भी दिया कि मामले की निगरानी DIG रैंक से नीचे से अधिकारी न करें. इस मामले की अगली सुनवाई अब 17 जुलाई को होगी.