‘अंग्रेजी सीखते-सीखते हम इंग्लिश माइंड में आ गए हैं, ये देशहित में नहीं’

Venkiah
उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू (फाइल फोटो)

लाइव सिटीज डेस्क: केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू शनिवार को हिन्दी की पैरवी करते दिखे. वेंकैया नायडू ने कहा कि राष्ट्र भाषा हिंदी सीखना महत्वपूर्ण है क्योंकि देश में ज्यादातर लोग यह भाषा बोलते हैं. उन्होंने मातृभाषा को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया और कहा कि दुखद है कि देश में अंग्रेजी को बहुत ज्यादा महत्व दिया गया. वेंकैया यहां साबरमती आश्रम में आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रहे थे जहां उन्होंने अंग्रेजी में 100 खंडों वाला गांधी वांग्मय आश्रम को भेंट किया.

नायडू ने कहा, ‘राष्ट्र भाषा के रूप में हिन्दी बहुत महत्वपूर्ण है, इसके बिना हमारा काम नहीं चल सकता. हमारे देश में अधिकतर लोग हिंदी बोलते हैं, ऐसे में हिंदी सीखना भी महत्वपूर्ण है, लेकिन हमें गुजराती, मराठी, भोजपुरी जैसी अपनी मातृभाषा में भी धाराप्रवाह होना चाहिए.’

‘ हमें इन्हें (इन खंडों को) सभी भारतीय भाषाओं में लाना चाहिए. मैं उन्हें क्षेत्रीय भाषा नहीं बोल रहा हूं क्योंकि वे मातृभाषाएं और राष्ट्रीय भाषाएं हैं, क्योंकि अंग्रेजी इसके बाद आती है. हिंदी बाद में राष्ट्रभाषा बन गई.’ उन्होंने कहा, ‘लेकिन मूल भाषाएं बांग्ला, मराठी, गुजराती, तमिल है। ‘भाषा और भावना ‘ साथ चलती है. अपनी भावना को व्यक्त करने के लिए भाषा बहुत जरूरी है इसलिए लोग अपनी मातृभाषा में पढ़े, ये बहुत जरूरी है.’

नायडू ने कहा, ‘मैं चाहता हूं कि हमारी शिक्षा नीति में हमें मातृभाषा को बढ़ावा देने पर विचार करना चाहिए. यह हमारा दुर्भाग्य है कि हमने अंग्रेजी माध्यम को बहुत ज्यादा महत्व दिया.

धीरे-धीरे अंग्रेजी सीखते सीखते हमारे अंदर अंग्रेजी मानसिकता भी आ गई. ये अच्छा नहीं है, देशहित में नहीं है.’