फर्जी पासपोर्ट केस: छोटा राजन और 3 अफसरों को 7 साल की जेल

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लाइव सिटीज डेस्क : दिल्ली की पटियाला कोर्ट ने फर्जी पासपोर्ट के मामले में छोटा राजन को सात साल की सजा सुनाई है. छोटा राजन के साथ तीन अफसरों को भी सात साल की सजा मिली है. इसके साथ ही सभी पर 15 हजार का जुर्माना लगाया गया है. फर्जी पासपोर्ट मामले में पटियाला हाउस कोर्ट ने आईपीसी की धारा 420, 468, 471, 120बी, प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट के तहत मामले की सुनवाई पूरी हुई.
गौरतलब है कि छोटा राजन पर 70 से अधिक आरोप लगे हुए हैं. सीबीआई के मुताबिक, सितंबर 2003 मे मोहन कुमार के नाम पर बने फर्जी पासपोर्ट और टूरिस्ट वीजा पर छोटा राजन भारत से ऑस्ट्रेलिया भाग गया था. इसके बाद वह करीब 12 साल तक वहीं रहा था. बाद में अक्टूबर 2015 मे जब छोटा राजन ऑस्ट्रेलिया से इंडोनेशिया पहुंचा, तो इंटरपोल के रेड कार्नर नोटिस जारी करने के बाद उसे बाली में गिरफ्तार करके नवंबर 2015 में भारत को सौंप दिया गया था.
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राजन का कहना था कि वह सच्चा देशभक्त है. यह फर्जी पासपोर्ट उसे भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने ही दिया था, ताकि वह दाऊद इब्राहिम को भारत लाने के प्रयास में सुरक्षा एजेंसियों की मदद कर सके. विशेष सीबीआइ जज विरेंद्र कुमार गोयल ने अपने आदेश में कहा कि बेंगलुरु स्थित पासपोर्ट दफ्तर के पूर्व कर्मचारी जयश्री दतात्रेय, रहाते नटवरलाल दीपक शाह, ललिथा लक्ष्मणन ने षडयंत्र के तहत राजन की पासपोर्ट बनाने में मदद की.
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तीनों जमानत पर बाहर थे, लेकिन दोषी करार दिए जाने के तुरंत बाद अदालत ने उन्हें हिरासत में लेने के आदेश दिया. उन्हें तिहाड़ जेल भेज दिया गया था. अदालती सुनवाई के दौरान छोटा राजन वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से तिहाड़ जेल से ही अदालत में पेश हुआ था. सजा सुनाए जाने के बाद न्यायाधीश के रीडर ने उसे इसकी जानकारी दी.