चुनाव आयोग की चुनौती : 3 जून से हैक कर दिखाएं EVM मशीन

लाइव सिटीज डेस्क : चुनाव आयोग ने सभी राजनीतिक दलों को ईवीएम हैक करने की चुनौती दे दी है. शनिवार को आयोग ने सभी पार्टियों से कहा है कि वो 3 जून से ईवीएम हैक करके दिखाएं. आयोग ने कहा है कि हर राजनीतिक दल को मशीन हैक करने के लिए 4 घंटे का समय दिया जाएगा.

गौरतलब है कि आम आदमी पार्टी समेत तमाम राजनीतिक दलों ने ईवीएम में छेड़छाड़ की संभावना जताते हुए इसे हैक करने की चुनौती दी थी. इसके बाद आज चुनाव आयोग ने इस मशीन का लाइव डेमो सभी पार्टियों के बीच दिया. आयोग ने बताया कि ईवीएम में छेड़छाड़ नहीं की जा सकती. ईवीएम के इस्तेमाल से पहले चार बार उसकी चेकिंग होती है. आयोग ने इन चारों कदम का लाइव डेमो सभी के सामने पेश किया.

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बताया गया कि चुनाव होने से 6 महीने पहले फर्स्ट लेवल चेकिंग की प्रक्रिया होती है. इसमें पिछले चुनाव में इस्तेमाल हो चुके ईवीएम के पुराने टैग को हटाया जाता है. फिर मशीन की चेकिंग होती है जिसके बाद उसका इलेक्ट्रिकल टेस्ट होता है. इसके बाद कैंडिडेट सेट प्रोसेस के दौरान चुनाव के उम्मीदवारों की घोषणा होने के बाद बैलट शीट प्रिंट किया जाता है और मशीन और वीवीपैट में कैंडिडेट डीटेल्स फीड किए जाते हैं. इसमें भी पार्टी के प्रतिनिधि मौजूद रहते हैं. जितने उम्मीद्वार चुनाव में होते हैं उनका नाम और चुनाव चिह्न वीवीपैट और ईवीएम में दर्ज होता है.

तीसरी प्रक्रिया मॉक पोल है जो मतदान से पहले होता है. पार्टियों के पोलिंग एजेंट के सामने हर मशीन में 50 वोट डाले जाते हैं या ईवीएम में दर्ज हर उम्मीदवार को बराबर वोट डाले जाते हैं. फिर उसे उम्मीदवारों के पोलिंग एजेंट से चेक करने के लिए कहा जाता है कि मशीन ठीक है या नहीं. उसके बाद ही मतदान चुनाव केन्द्रों में शुरू होता है.

अंतिम तौर पर काउंटिंग के दिन सभी पार्टी के प्रतिनिधियों के सामने ईवीएम मशीन का सील तोड़ा जाता है. फिर वोटों की गिनती होती है. ईवीएम पर सील लगी होती उसमें कोड दर्ज होता है और चुनाव अधिकारी के दस्तखत होते हैं. मशीन पर दर्ज कोड को मशीन में फीड किए गए कोड से मिलाया जाता है तभी गिनती के लिये ईवीएम की सील को तोड़ा जाता है.

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