गया के फल्गु नदी की रेत से होगा अयोध्या श्रीराम मंदिर का भूमि पूजन

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क: गया के सुप्रसिद्ध फल्गु नदी की रेत का इस्तेमाल अब राम मंदिर के भूमि पूजन में किया जाएगा. दरअसल, 5 अगस्त का दिन राम मंदिर के भूमि पूजन के लिए निर्धारित किया गया है. विश्व हिन्दू परिषद के पुरोहित प्रमुख प्रेमनाथ ने इस बारे में बताया कि अयोध्या स्थित श्रीराम जन्म भूमि क्षेत्र के उनके प्रतिनिधि चंपत राय ने बताया है कि मंदिर का निर्माण धार्मिक रीति-रिवाज की पुरानी परम्परा से किया जा रहा है. इसमें देश के प्रमुख नदी का पानी, धार्मिक स्थलों की मिट्टी मंगायी जा रही है.

श्रीराम मंदिर के शिलान्यासकर्ता और मंदिर निर्माण ट्रस्ट के सदस्य कामेश्वर चौपाल का शुरुआती राजनीतिक सफर भी गया से शुरू हुआ है, जिसके कारण गया के फल्गु नदी की रेत से यहां का भूमि पूजन करने का फैसला किया गया है.



विश्व हिन्दू परिषद के जिलाध्यक्ष सह प्रमुख शिशुरोग विशेषज्ञ डा. एनके गुप्ता के अनुसार श्रीराम मंदिर निर्माण समिति के श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय ने गया विहिप को सवा किलो चांदी की एक ईंट प्रस्तावित मंदिर निर्माण के लिए होने वाले शिलान्यास समारोह में इस्तेमाल करने की स्वीकृति प्रदान कर दी है. गया विहिप द्वारा भेजी जाने वाली चांदी की ईंट  मंदिर के शिलान्यास में शामिल की जाएगी.

धार्मिक नगरी गया से गुजरनेवाली फल्गु नदी को गंगा से भी पवित्र माना गया है, यही वजह से है सनातन धर्म के माननेवाले देश विदेश के लाखों श्रद्धालु हरेक साल गया में आकर अपने पूर्वजों की मोक्ष की कामना को लेकर पिंडदान करतें हैं और फल्गु नदी में तर्पण करतें हैं. जिनके पास अपने पूर्वजों को देने की लिेए किसी तरह की सामग्री नहीं होती है वे फल्गु नदी के बालू का ही पिंड बनाकर पूर्वजों के मोक्ष कामना हेतु पिंडदान करतें हैं, जैसा की राम की पत्नी सीता के द्वारा अपने ससुर राजा दशरथ के लिए किया गया था.