पिता का पैर खराब और मां बीमारी से ग्रसित, ठेले पर चाय बेचकर ये बच्ची अपने 2 भाइयों को पढ़ा रही

लाइव सिटीज डेस्क : उत्तर प्रदेश राज्य में गाजीपुर जिले में एक मासूम सी लड़की अपने दो और छोटे भाइयों की पढ़ाई-लिखाई का ध्यान रखती है. पिता का पैर खराब है और मां गंभीर बीमारी से ग्रसित है उनकी देखभाल भी करती है. और यह सब चाय बेच कर किया जा रहा है. इस मासूम बच्ची का नाम आरती है जो गाजीपुर में अपने परिवार के साथ मुहल्ला नवापुरा में रहती है. आरती के दो जुड़वा भाई भी हैं, जिनका नाम लव और कुश हैं. आरती ने अपने पैसों से उनका एडमिशन केंद्रीय विद्यालय में कराया है. वह अपना और परिवार का खर्च चलाने के लिए अफीम कारखाने के पास चाय बेचती है.

हमारे आस-पास न जाने कितने लोग संघर्षों से लड़कर अपनी जिंदगी संवार रहे होते हैं, हमें शायद पता ही नहीं होता. आरती एक बहादुर लड़की है, जो चाय बेचकर अपनी पढ़ाई पूरी कर रही है.



सरकारी स्कॉलरशिप के तहत 40,000 रुपए 

आरती उस वक्त सुर्खियों में आई जब केंद्रीय दूरसंचार राज्य मंत्री मनोज सिन्हा ने उसके दुकान पर जाकर चाय पी और उसे सरकारी स्कॉलरशिप के तहत 40,000 रुपए भी प्रदान किए. आरती के पिता का शारीरिक रूप से अस्वस्थ हैं और चलने-फिरने में असमर्थ हैं. घर में आजीविका चलाने वाला और कोई नहीं है. वह अपने छोटे भाई के साथ गाजीपुर जिले में ही चाय बेचने का काम करती है.

लाइफ लाइन एक्सप्रेस से इलाज का औपचारिक उद्घाटन समारोह

केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा बीते दिनों गाजीपुर जिले में लाइफ लाइन एक्सप्रेस से इलाज के औपचारिक उद्घाटन समारोह में शामिल होने के लिए अपने जिला गाजीपुर गए हुए थे. तभी उन्होंने आरती से मुलाकात की. दरअसल इससे पहले उनके निजी सचिव सिद्धार्थ राय ने उनसे आरती के बारे में बताया था. आरती ने कहा था कि वह चाहती है कि मंत्री जी उसके टी स्टाल पर आकर चाय पिएं. मनोज सिन्हा जब इस बार गाजीपुर दौरे पर आए तो उन्होंने आरती से मुलाकात की और उसकी बनाई हुई चाय भी पी. उन्होंने आरती का हालचाल लिया और उसकी पढ़ाई के बारे में भी जानकारी ली.

आरती के साथ केंद्रीय मंत्री

मनोज सिन्हा अफीम कारखाने के सामने आरती के चाय के ठेले पर गए थे. ठेले के बगल में ही लगी बेंच पर बैठकर उन्होंने चाय पिया. चाय के पैसे देते हुए उन्होंने कहा कि वह उसकी इच्छानुसार पढ़ाई पूरी कराने के लिए वह लगे हैं. इस मौके पर वहां सैकड़ों लोग मौजूद थे. हर कोई हैरान था कि मंत्री जी प्रोटोकॉल तोड़ कर एक अदने ठेले पर क्यों आए लेकिन जब पता चला कि वे आरती से मिलने गए थे तो सभी ने उनकी सोच, उदारता की तारीफ की. मंत्री ने कहा कि वह आरती पढ़ाई को लेकर काफी चिंतित हैं और वह बीटीसी में उसका दाखिला कराएंगे.

अपने पैसों से अपने दोनों भाइयों का एडमिशन केंद्रीय विद्यालय में कराया

आरती ने अपने पैसों से अपने दोनों भाइयों का एडमिशन केंद्रीय विद्यालय में कराया है. वह अपना और परिवार का खर्च चलाने के लिए अफीम कारखाने के पास चाय बेचती है. आरती ही घर में अपना खाना बनाती है. उसने सहजानंद कॉलेज से बीकॉम भी किया है.