अब खुद यौन और साइबर अपराधों की शिकायत करेंगे बच्चे…

लाइव सिटीज डेस्क: देश बदल रहा है, आगे भी बढ़ रहा है. लेकिन समाज में नैतिक सोच का पतन इतनी तेजी से हुआ है कि सारी प्रगति बेमानी लगने लगती है. समाज में बच्चों के प्रति बढ़ते जा रहे यौन और साइबर अपराधों से निपटने के लिए भारत सरकार ने नई योजना बनाई है. चाइल्ड पोर्न और अन्य यौन अपराधों से पीड़ित बच्चे अब अपनी शिकायत राष्ट्रीय बाल आयोग को सीधे कर सकेंगे. आयोग ने अब पोस्को एक्ट का दायरा भी बढ़ाने का फैसला किया है. आयोग ने बच्चों को पीटने—धमकाने, चाइल्ड पोर्न, शारीरिक उत्पीड़न, तस्वीरों में छेड़छाड़ पर भी सख्त कदम उठाने का ऐलान किया है.

नई तकनीकी ने बच्चों के यौन उत्पीड़न को भी नए मायने और तरीके दे दिए हैं. अब मोबाइल और तमाम डिजिटल टेक्नोलॉजी आ जाने से चाइल्ड पोर्न का प्रसार देश में बढ़ रहा था. लेकिन इससे निपटने के लिए सरकार के पास प्रभावी तंत्र नहीं था. भारत में सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 13.4 करोड़ बच्चों के हाथ में मोबाइल है. इस बड़ी तादाद का इस्तेमाल नई चीजों को सीखने और नई जानकारियों से लैस होने के लिए हो सकता है. लेकिन देश में डिजिटल साक्षरता के अभाव में और आॅनलाइन सुरक्षा तंत्र कमजोर होने के कारण बच्चे भी साइबर अपराधों का शिकार हो रहे हैं.

पोक्सो—ई बॉक्स बच्चों को यौन उत्पीड़न और साइबर अपराधों से बचाने का सशक्त माध्यम बन सकता है. इस योजना की शुरुआत पिछले साल महिला और बाल विकास मंत्री श्रीमती मेनका गांधी ने की थी. इस योजना के कारण अब यौन उत्पीड़न से प्रभावित बच्चे, उनके दोस्त, माता—पिता, रिश्तेदार और परिजन कमिशन की वेबसाइट पर मौजूद ई—बॉक्स बटन को दबाकर इसकी शिकायत कर सकते हैं. ​

कमिशन की वेबसाइट www.ncpcr.gov.in ई—मेल आईडी [email protected] पर या फिर मोबाइल नं. 9868235077 पर भी शिकायतें भेजी जा सकती हैं.