एयर चीफ धन्वा ने कहा, किसी भी समय बड़े ऑपरेशन के लिए तैयार रहे वायुसेना

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लाइव सिटीज डेस्क: भारत और पाकिस्‍तान के बीच तनाव दिन-ब-दिन बढ़ता ही जा रहा है. जानकारी के मुताबिक पाकिस्‍तान ने LoC पर अपनी सीमाओं में भारी हथियारों के साथ सैनिकों की संख्‍या भी बढ़ानी शुरु कर दी है. एलओसी पर पाकिस्‍तान की ओर से सैनिकों का भारी डिप्‍लॉयमेंट किया जा रहा है. इस बीच इंडियन एयरफोर्स के प्रमुख बीएस धन्‍वा ने भी अपने सभी अफसरों को खत लिखकर सभी को तैयार रहने को कहा है. करीब 12000 अफसरों को लिखी गई इस चिट्ठी में कहा गया है कि वो शार्ट नोटिस पर किसी भी बड़े ऑपरेशन के लिए तैयार रहें. कभी भी IAF को उनकी जरुरत पड़ सकती है. ऐसे में अनुमान लगाया जा रहा है कि भारत और पाकिस्‍तान के बीच एक बार फिर जंग के हालात पैदा होते हुए नजर आ रहे हैं.

द इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, यह लेटर 30 मार्च को लिखा गया था. इस पर वायुसेना अध्यक्ष धन्वा के हस्ताक्षर भी है. लेटर में भाई-भतीजावाद से लेकर यौन उत्पीड़न समेत विभिन्न मुद्दों का जिक्र है. ऐसा पहली बार है, जब किसी वायुसेना प्रमुख ने सभी कर्मियों को लेटर लिखा है. इससे पहले, दो सेना प्रमुखों फील्ड मार्शल (तत्कालीन जनरल) केएम करियप्पा ने 1 मई 1950 और जनरल के सुंदरजी ने 1 फरवरी 1986 को इस तरह के खत लिखे थे.

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दरअसल, इन दिनों पाकिस्‍तान कूटनीतिक और सामरिक दोनों ही मोर्चे पर काफी बौखलाया हुआ है. उसे हर तरह से मुंह की खानी पड़ रही है. पहले पाकिस्‍तान के आतंकी संगठनों ने उरी अटैक को अंजाम दिया तो भारतीय सेना के कमांडोज ने पाक अधिकृत कश्‍मीर में घुसकर सर्जिकल स्‍ट्राइक कर डाली और पचास से ज्‍यादा आतंकियों को मार गिराया. उनके सात लांचिंग पैड को नेस्‍तनाबूत कर दिया. पिछले साल सितंबर में हुई इस घटना के बाद से ही काफी तनाव बना हुआ है. पाकिस्‍तान की ओर से आए दिन एलओसी पर सीजफायर का उल्‍लंघन किया जा रहा है. वो चाहता है कि ज्‍यादा से ज्‍यादा आतंकियों की घुसपैठ कश्‍मीर में करा सके. लेकिन, भारतीय सेना पाक आर्मी को मुंहतोड़ जवाब दे रही है.

धन्वा के लेटर में Sub-conventional threat का जिक्र करते हुए ट्रेनिंग पर फोकस करने की बात कही गई है. जानकार मानते हैं कि इस शब्द का इस्तेमाल पाकिस्तान द्वारा छेड़े गए छद्म युद्ध (प्रॉक्सी वॉर) के लिए किया जाता है. बता दें कि हाल के वक्त में जम्मू-कश्मीर में सेना के कैंपों और सुरक्षाबलों पर आतंकियों के हमले में तेजी से इजाफा हुआ है. सीमा पर पाकिस्तानी सेना की ओर से सीजफायर उल्लंघन के मामले लगातार हमारे सामने आ रहे हैं. फायरिंग का ही असर है कि सीमा के नजदीकी गांवों से 1 हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाना पड़ा था. इसके अलावा, घाटी में हिंसक प्रदर्शन और पथराव की घटनाएं भी बढ़ी हैं.

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, लेटर में संकेतों में ही इशारा किया गया है कि सीमित संसाधनों के मद्देनजर तैयारी चाक चौबंद रखी जाए. बता दें कि वायुसेना के पास पर्याप्त संख्या में फाइटर जेट्स नहीं हैं. अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, वायुसेना को फाइटर एयरक्राफ्ट के 42 स्क्वॉड्रन की आवश्यकता है, लेकिन इनकी संख्या घटकर अब 33 रह गई है. मिग सीरीज के विमानों के पुराने पड़ने और उन्हें रिटायर करने की रफ्तार को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि फ्रांस के साथ राफेल प्लेन्स की डील और स्वदेशी तेजस को शामिल करने के फैसले से भी इस कमी को भरना मुश्किल होगा.

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