यह तो रीति है : फिर हिमाचल पर क्यों मचल रहा भाजपा का दिल

लाइव सिटीज डेस्क (रुद्रप्रताप सिंह) : राजनीति में नए आए बच्चे शायद नहीं जानते होंगे. हिमाचल की यही रीति है. 1992 के बाद पांच साल पर यहां लोग सरकार बदल देते हैं. इसमें नरेंद्र मोदी या राहुल गांधी जैसों की कोई भूमिका नहीं रहती है. लोग खुद ही सरकार का जायका बदल लेते हैं. यही कारण है कि इस राज्य में आजादी के बाद अब तक दर्जन भर सरकारें बनी हैं. मगर, मुख्यमंत्री का पद सिर्फ पांच लोगों ने धारण किया है. ये हैं-यशवंत सिंह परमार, रामलाल, वीरभद्र सिंह, शांता कुमार और प्रेम कुमार धूमल.

पहली सरकार कांग्रेस की
हिमाचल में कांग्रेस की पहली सरकार 1952 में बनी. यशवंत सिंह परमार सीएम बने. यह सरकार चार साल चली. 1956 में हिमाचल का राज्य का दर्जा खत्म हो गया. वह केंद्र शासित प्रदेश बन गया. 1963 में फिर राज्य का दर्जा मिला. कांग्रेस की सरकार बन गई. तब से 1977 तक कांग्रेस का एकछत्र राज रहा. इस अवधि में परमार के अलावा रामलाल सीएम बने. 1977 में कांग्रेस की देश भर में हार हुई थी. यहां भी हुई. जनता पार्टी में जनसंघ का विलय हो गया था. लिहाजा जनसंघ के नेता शांता कुमार जनता पार्टी की सरकार के सीएम बने. लेकिन, 1980 में कांग्रेस की देशव्यापी वापसी हुई तो हिमाचल में एकबार फिर रामलाल सीएम बन गए. कांग्रेस अगले 12 साल तक सरकार में रही. 1992 के बाद 1993 में चुनाव हुआ तो भाजपा की सरकार बनी. शांता कुमार सीएम बने.



तब आया पांच साल का दौर
हालांकि, शांता कुमार का दूसरा कार्यकाल महज साल भर का रहा. 1993 में मध्यावधि चुनाव हुआ. कांग्रेस सरकार में आ गई. तब तक हिमाचल की जनता को अलग-अलग सरकारों का जायका लग चुका था. लिहाजा, पांच साल बाद 1998 के चुनाव में भाजपा सत्ता में आ गई. प्रेम कुमार धूमल सीएम बने. 2003 में सत्ता कांग्रेस के खाते में आ गई. वीरभद्र सिंह सीएम बने. उनका कार्यकाल खत्म हुआ. 2007 में नरेंद्र मोदी गुजरात के सीएम थे. पता नहीं उस चुनाव में उन्होंने हिमाचल जाकर भाजपा के लिए प्रचार किया था या नहीं, भाजपा की जीत हुई थी. धूमल सीएम बन गए थे.

2012 में जनता ने फिर जायका बदला. वीरभ्रद सिंह कांग्रेसी सीएम के तौर पर चौथी बार आसीन हो गए. और आज के परिणाम के साथ जनता ने उन्हें भी हटा दिया. नई पारी भाजपा की है. गरज यह कि केंद्र में सरकार किसी की रहे, हिमाचल के लोग अपने हिसाब से अपनी सरकार चुनते रहे हैं.

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