हार्दिक के बयान पर भाजपा में छटपटाहट, कहा- कोई नहीं आयेगा बहकावे में

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लाइव सिटीज डेस्क : गुजरात के पाटीदार युवा नेता हार्दिक पटेल के बयान से भाजपा में छटपटाहट बढ़ गयी है. रविवार को भाजपा नेताओं ने हार्दिक पटेल को निशाने पर ले लिया. नेताओं ने बयान जारी करते हुए कहा है कि हार्दिक पटेल के बहकावे में कोई नहीं आएगा. भाजपा के सभी नेता वफादार हैं और पार्टी में किसी तरह की नाराजगी किसी के मन में नहीं है. हालांकि अंदरुनी सूत्रों की मानें तो हार्दिक पटेल के बयान के बाद भाजपा में छटपटाहट देखी जा रही है. शीर्षस्थ नेता हार्दिक के खिलाफ बयानबाजी पर उतर आये हैं.

दरअसल गुजरात की राजनीति उस समय गरमा गयी, जब हार्दिक पटेल ने गुजरात के उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल की नाराजगी को लेकर बड़ा बयान दे दिया. गुजरात के पॉलिटिकल कॉरिडोर में तेजी से बात निकल कर आयी कि उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल अपनी ही सरकार से नाराज हैं. फिर क्या था हा​र्दिक पटेल ने बड़ा बयान दे दिया. उन्होंने नितिन पटेल को कांग्रेस में अपने 10 विधायकों के साथ आने का आॅफर दे दिया. इसके बाद तो पॉलिटिकल कॉरिडोर में हंगामा मच गया. रविवार को भाजपा नेताओं में ऐसी छटपटाहट बढ़ी कि उन्होंने हार्दिक को निशाने पर ले लिया.



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भाजपा ने रविवार को हार्दिक पटेल के प्रस्‍ताव को खारिज करते हुए कहा कि उनके सभी नेता वफादार हैं व किसी के बहकावे में नहीं आ सकते हैं. भाजपा नेता सुब्रमण्‍यम स्‍वामी ने कहा कि हार्दिक के बयान को अहमियत नहीं देनी चाहिए, क्‍योंकि वे मुश्किल वक्‍त से गुजर रहे हैं. स्‍वामी ने कहा कि हार्दिक पटेल जो भी कहते हैं, मैं उन्‍हें अहमियत नहीं देता हूं. मेरे ख्‍याल से नितिन पटेल हमारे एक पुराने कार्यकर्ता हैं और वे हमें निराश नहीं कर सकते हैं. अगर वह नाराज हैं तो हमें इसका पता लगाना चाहिए और उनकी नाराजगी दूर करनी चाहिए.

उधर पार्टी नेता मुरलीधर राव ने भी हार्दिक की आलोचना की है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के विपरीत भाजपा वफादार और ईमानदार नेताओं की पार्टी है. उन्होंने कहा कि यह भाजपा है कांग्रेस नहीं. हमारी पार्टी के नेता वफादार और ईमानदार हैं. वे लालच में नहीं आ सकते हैं. हम आंतरिक मामलों को अपने बीच ही सुलझा सकते हैं. बता दें कि गुजरात में भाजपा ने छठी बार सरकार बनायी है. लेकिन इस बार भाजपा को महज 99 सीटें ही आयी हैं, यानी बहुमत से महज सात सीटें अधिक. वहां बहुमत के लिए 92 सीटों की जरूरत है. इसी पर नितिन पटेल की नाराजगी पर हार्दिक पटेल ने कह दिया कि अगर नितिन पटेल अपने साथ भाजपा के 10 विधायकों को ला सकते हैं तो उन्‍हें कांग्रेस पार्टी में शामिल हो जाना चाहिए. इसके बाद तो रविवार को दिन भर हार्दिक भाजपा के निशाने पर आ गये हैं.