ट्रिपल तलाक बिल पर मोदी कैबिनेट ने दी मंजूरी, अब संसद में होगा पेश

लाइव सिटीज डेस्क : तीन तलाक पर कड़ा कानून बनाने और सजा का प्रावधान लाने के लिए केंद्रीय कैबिनेट ने शुक्रवार को तीन तलाक पर विधेयक को मंजूरी दे दी. अब यह मसौदा विधेयक लोकसभा और राज्यसभा में पेश किया जाएगा. संसद के दोनों सदनों में पारित होने के बाद यह कानून बन पाएगा. लैंगिक समानता के लिए मोदी सरकार का यह बड़ा कदम माना जा रहा है. इस मसौदा विधेयक को राजनाथ सिंह, सुषमा स्वराज सहित पांच वरिष्ठ मंत्रियों ने तैयार किया है.

बता दें कि मोदी सरकार ने यह साफ कर दिया है कि संसद के शीतकालीन सत्र में वह इस विधेयक को पेश करेगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शीतकालीन सत्र की शुरुआत से पहले मीडिया से बातचीत में कहा कि इस शीतकाली सत्र के दौरान अहम बिल पेश किए जाएंगे जो दूरगामी परिणाम वाले होंगे. अगर यह बिल पास हो गया तो तलाक देने वाले पुरुष को तीन साल जेल की सजा होगी.



बीजेपी ने तीन तलाक को बड़ा मुद्दा बनाया हुआ है. उसे उम्मीद है मुस्लिम महिलाओं को इससे मिलने वाली राहत उनके लिए वोटों में बदल जाएगी. इस विधेयक का नाम ‘द मुस्लिम वूमेन प्रोटक्शन ऑफ राइट्स इन मैरिज एक्ट’ है. जानकारों का कहना है कि संसद चाहे तो इसे पीछे की तारीख से भी लागू कर सकती है, जिससे उन महिलाओं को न्याय मिल सके जो पहले से ट्रिपल तलाक की व्यथा से गुजर रही हैं.

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गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से तीन तलाक सियासी चर्चा का विषय रहा है. सुप्रीम कोर्ट पहले ही तीन तलाक को अवैध बता चुका है. शीर्ष न्यायालय ने सरकार से तीन तलाक पर कानून बनाने के लिए कहा था. सुप्रीम कोर्ट द्वारा तीन तलाक को अवैध और मनमाना घोषित किए जाने के बाद भी देश में तीन तलाक के मामले सामने आ रहे थे. मुस्लिम महिला सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मोदी सरकार के इस कदम पर खुशी जाहिर की है.