झारखंड में एक और व्यक्ति की भूख से मौत, प्रशासन ने बीमारी पर फोड़ा ठीकरा

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लाइव सिटीज डेस्क : सिमडेगा में भूख से 11 वर्षीय बच्ची संतोषी की मौत का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था, इस बीच धनबाद जिले के झरिया प्रखंड अंतर्गत भलगढ़ा के ताराबगान गांव निवासी एक 40 वर्षीय व्यक्ति की मौत भूख से होने की खबर आ गयी. मृतक के परिजनों का आरोप है कि राशन कार्ड के लिए उनका परिवार कई महीनों से चक्कर लगा रहा था और पिछले छह महीने से उनके परिवार को राशन नहीं मिल रहा था.

परिजन जहां इसे भूख से मौत बता रहे हैं वहीं प्रशासन यहां भी मौत की वजह बीमारी बता रहा है. सीओ (अंचलाधिकारी) झरिया केदार नाथ सिंह का कहना है कि बैजनाथ की भूख से नहीं बीमारी से मौत हुई है. उसकी बीमारी का इलाज सही तरीके से नहीं हो पाया. जबकि पत्नी पार्वती अपने पति बैजनाथ के शव से लिपटकर बार बार बस यही कह रही थी कि भूख मेरे पति को लील गई. चार साल से हमारे पास राशन कार्ड तक नहीं है.

बैजनाथ रिक्शा चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था. एक माह पहले वह बीमार हो गया. इसलिए रिक्शा चलाना बंद कर दिया. घर में कोई कमाऊ सदस्य नहीं था. इससे परिवार की आर्थिक स्थिति और खराब हो गई. तब पत्नी पार्वती ने पास के एक घर में चौका-बर्तन का काम शुरू किया. इसके बावजूद पति का इलाज नहीं हो सका. इस दौरान अक्सर घर में चूल्हा भी नहीं जलता था.

पत्नी किसी प्रकार पास के एक मेडिकल स्टोर से दवा लेकर पति को देती थी. सरकारी अस्पताल तक जाने को पैसे नहीं थे. कई दिनों से घर में खाने को अनाज तक नहीं था. पत्नी के अनुसार तीन दिन से घर में चूल्हा नहीं जला था. बीमारी की हालत में भूख के कारण बैजनाथ ने आखिरकार शुक्रवार रात को दम तोड़ दिया.