रांची में फिर एक किसान ने किया सुसाइड, सकते में झारखंड सरकार

गम में डूबे किसान बालदेव महतो के परिवार वाले

लाइव सिटीज डेस्क/रांची : अभी मध्यप्रदेश के मंदसौर के किसानों की फायरिंग में हुई मौत का मामला ठंडा नहीं हुआ है. महाराष्ट्र से लेकर गुजरात मेें किसान संकट का मामला गरमाया हुआ है. वहीं अब यह बिहार के पड़ोसी राज्य झारखंड में भी देखने को मिलने लगा है. रांची से सटे पिठौरिया में महज पांच दिनों के अंदर दो किसानों ने सुसाइड कर लिया है. ताजा मामला बलदेव महतो का है.


झारखंड स्थित रांची के निकट पिठोरिया थाना क्षेत्र में किसान बलेदव महतो ने सुसाइड कर लिया. वह पिठौरिया के सुतिया आंबे गांव का रहनेवाला था. परिजनों के अनुसार वे कर्ज की वजह से पिछले कई दिनों से तनाव में रह रहा था तथा उसने कुएं में कूद कर अपनी जान दे दी. परिवार वालों का कहना है कि बलदेव महतो ने 25 हजार रुपये का केसीसी कर्ज लिया था और नहीं चुकाने की वजह से तनाव में रह रहा था.

इसी कुएं में बालदेव महतो के कूदने की है चर्चा

बताया जाता है कि बलदेव ने वर्ष 2011 में जमीन बेच कर कुआं बनवाया था. उसने कुछ सेठ साहूकार टाइप के लोगों से भी कर्ज लिया था. खास बात कि नयी फसल के खेत जोत कर तैयार भी उसने किया था. इसी बीच यह घटना हो गयी. वहीं प्रशासन की ओर से अभी इस मामले में कुछ भी नहीं कहा गया है. अधिकारियों की मानें तो पूरी जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है. हर बिंदु पर जांच की जा रही है.

गम में डूबे किसान बालदेव महतो के परिवार वाले

गौरतलब है कि 10 जून को पिठौरिया गांव का ही किसान कलेश्वर महतो ने फांसी लगा कर जान दे दी थी. परिजनों के अनुसार वह गांव के ही एक पेड़ पर फांसी के फंदे से झूल गया था. वहीं परिजनों के मुताबिक कलेश्वर पर एकमुश्त 61 हजार रुपये चुकाने का प्रेशर था. 12 जून को मीडिया में खबर आने के बाद झारखंड सरकार तक सकते में आ गयी. आनन फानन में अधिकारी उनके घर पर पहुंच गये.

किसान कालेश्वर महतो के परिजन भी दुखी

उधर तत्कालीन एसडीओ भोर सिंह यादव के मुताबिक पहली नजर में मामला संदेहास्पद लग रहा था तथा उन्होंने रांची के डीसी से उच्चस्तरीय जांच की अनुशंसा की थी. हालांकि दो दिन पहले ही एसडीएम भोर सिंह यादव का प्रोमोशन होने के बाद ट्रांसफर हो गया है. बहरहाल महज पांच दिनों के अंदर दूसरे किसान की आत्महत्या ने झारखंड सरकार की परेशानी बढ़ा दी है.

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