हल्दीराम ने मारी बाजी, फिर हासिल की स्नैक्स की दुनिया में नंबर 1 रैंकिंग

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लाइव सिटीज डेस्क: एक बार फिर से स्नैक्स की दुनिया में हल्दीराम ने सबको पछाड़ दिया है. 20 साल के बाद फिर उसका नाम हुआ है. सभी को पीछे छोड़ते हुए सबसे बड़ी कंपनी बन गई है. आपको बताते चले क हल्दीराम ने पेप्सिको को पीछे छोड़कर देश की सबसे बड़ी स्नैक कंपनी का दर्जा दो दशक से अधिक समय के बाद वापस हासिल कर लिया है.

इसका कारण पोटैटो चिप्स जैसे पश्चिमी देशों के स्नैक्स की तुलना में कंज्यूमर्स का पैकेज्ड नमकीन को अधिक पसंद करना है. सितंबर में समाप्त हुए वर्ष में हल्दीराम की सेल्स 4,224.8 करोड़ रुपये रही. इसके मुकाबले में पेप्सिको ने लेज, कुरकुरे और अंकल चिप्स जैसे ब्रांड्स से 3,990.7 करोड़ रुपये की बिक्री की.



एग्जिक्यूटिव्स से जुटाए गए नीलसन के डेटा के अनुसार, एक वर्ष पहले पेप्सिको की सेल्स 3,617 करोड़ रुपये और हल्दीराम की 3,262 करोड़ रुपये थी. नीलसन तिमाही डेटा के साथ ही पिछले 12 महीनों का डेटा भी उपलब्ध कराती है. पिछले एक वर्ष में कुल मार्केट 17 पर्सेंट बढ़ा है. हल्दीराम की बिक्री में लगभग 30 पर्सेंट की वृद्धि हुई. 2012-16 में उसकी ग्रोथ 10-12 पर्सेंट की थी. इसने सितंबर में समाप्त हुए वर्ष में लगभग 1,000 करोड़ रुपये की अधिक सेल्स हासिल की.

हल्दीराम परिवार की चौथी पीढ़ी के सदस्य कमल अग्रवाल (43) ने बताया, ‘कई स्नैक्स के रॉ मैटीरियल के दाम में काफी वृद्धि हुई है. हालांकि, हमने अपने प्रॉडक्ट्स के दाम नहीं बढ़ाए हैं और नुकसान खुद उठाया है. इससे हमें मार्केट शेयर बढ़ाने में मदद मिली है. कंज्यूमर्स हेल्दी फूड को भारतीय स्नैक्स और नमकीन से भी जोड़ रहे हैं, लेकिन चिप्स को स्वास्थ्य के लिए खराब माना जा रहा है.’

हल्दीराम का बिजनेस तीन भौगोलिक यूनिट- हल्दीराम मैन्युफैक्चरिंग (नॉर्थ), हल्दीराम फूड्स (वेस्ट और साउथ) और हल्दीराम भुजियावाला (ईस्ट) में बंटा है. नीलसन के मुताबिक, वह ब्रैंड से जुड़े आंकड़ों की पुष्टि नहीं कर सकती क्योंकि ये क्लाइंट्स के लिए गोपनीय हैं. पेप्सिको ने कहा कि वह किसी देश के मार्केट या एनालिस्ट की रिपोर्ट पर टिप्पणी नहीं करेगा. कंपनी का कहना था कि उसने अपनी रैंकिंग बरकरार रखी है. पेप्सिको के मुताबिक, प्रॉडक्ट कैटेगरी में अंतर के कारण तुलना करना ठीक नहीं होगा.

पेप्सिको के प्रवक्ता ने बताया, ‘सॉल्टी स्नैक्स सेगमेंट में हम अभी भी टॉप पर हैं. यह सभी स्नैक्स में सबसे तेजी से बढ़ने वाली कैटेगरी भी है. नाचोज कैटिगरी में हमने ‘मेड इन इंडिया’ डोरितोस के साथ अपनी मौजूदगी बढ़ाई है. पिछले वर्ष इनोवेशन के कारण लेज हमारा सबसे तेजी से बढ़ने वाला फूड ब्रांड रहा. हमने कुरकुरे ट्रायएंगल्स के साथ अपने सॉल्टी स्नैक्स पोर्टफोलियो को और बढ़ाया है.’

देश में स्नैक्स का कुल मार्केट 21,600 करोड़ रुपये का है और पिछले कुछ वर्षों में इसमें दाल, चिवड़ा, भुजिया और नट जैसी ब्रांडेड नमकीन वेराइटीज की हिस्सेदारी बढ़ी है. अब इस मार्केट के आधे से अधिक हिस्से पर देसी स्नैक्स का कब्जा है. देश की कंपनियों के साथ ही मल्टीनेशनल फूड कंपनियां भी आकर्षक पैकेजिंग और प्राइसिंग के साथ नमकीन की बिक्री दूरदराज के इलाकों में बढ़ाने की कोशिश कर रही हैं.