JNU वीसी की PM मोदी के मंत्रियों से मांग, कैंपस में लगे आर्मी टैंक, छात्रों में आएगी देशभक्ति

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लाइव सिटीज डेस्क : देश के नामी विश्वविद्यालयों में शुमार जवाहर लाल विश्वविद्यालय एक फिर चर्चा में है. जेएनयू के वाइस-चांसलर एम जगदीश कुमार ने केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और भारतीय सेना के पूर्व प्रमुख और केंद्रीय मंत्री वीके सिंह से अनुराग किया कि वो यूनिवर्सिटी में ‘खास जगहों’ पर टैंक लगवाने में उनकी मदद करें ताकि छात्रों को हरदम सेना के बलिदान की याद बनी रही.

बता दें कि रविवार को करगिल विजय दिवस के मौके पर कार्यक्रम के दौरान कुलपति ने केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और जनरल वीके सिंह से निवेदन किया है कि विश्वविद्यालय को भारतीय सेना का एक टैंक दिलवाने में मदद करें. जेएनयू के कुलपति एम जगदीश कुमार ने कार्यक्रम को ‘ऐतिहासिक’ करार दिया और कहा कि यह थलसेना और देश के अन्य सुरक्षा बलों के बलिदान को याद करने के लिए एक अहम दिन था.

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जेएनयू परिसर में कारगिल विजय दिवस पर आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए वीसी जगदीश कुमार ने बताया कि कैम्पस में टैंक रखवाने का ख्याल उन्हें पहली बार नौ फरवरी 2016 को कुछ छात्रों द्वारा “भारत विरोधी” नारे लगने के बाद आया था. इन छात्रों पर पुलिस ने राजद्रोह का मुकदमा दायर किया था. जेएनयू में कारगिल दिवस पर आयोजित ये अपनी तरह का पहला कार्यक्रम था.

कार्यक्रम में प्रधान और सिंह के अलावा क्रिकेटर गौतम गंभीर, मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) जीडी बक्शी और लेखक राजीव मल्होत्रा मौजूद थे. कार्यक्रम में जेएनयू के मुख्य द्वारा से कन्वेंशन सेंटर तक 2200 फीट लम्बा तिरंगा के साथ तिरंगा यात्रा निकाली गई.

जेएनयू के शिक्षकों और छात्रों ने कारगिल के शहीदों के परिजन और पूर्व सैनिकों के संगठन ‘वेटरंस इंडिया’ के सदस्यों के साथ 2,200 फुट लंबा तिरंगा लेकर एक मार्च निकाला. इस मौके पर, कारगिल में शहीद हुए सैनिकों के परिवार की महिला सदस्यों को सम्मानित किया गया.

गौरतलब है कि जेएनयू के भीतर कई बार विवाद हो चुका है और वहां के कुछ छात्रों पर देशविरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप भी लगा था.  उन पर अभी मामला भी चल रहा है और दिल्ली पुलिस की जांच जारी है. पिछले साल कथित भारत-विरोधी नारेबाजी के कारण जेएनयू विवादों में घिरा रहा था.

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