भारत पहुंची US निर्मित अल्ट्रा लाइट 145 M-777 हॉवित्जर तोप

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लाइव सिटीज डेस्क : सेना का तीस साल पुराना इंतजार जल्द ही खत्म होने जा रहा है. बोफोर्स सौदे के बाद पहली बार सेना के इस्तेमाल के लिए दो नई तोपें भारत पहुंच गई हैं. अमेरिका से 145 एम-777 हॉवित्जर तोप खरीदने के सौदे के तहत परीक्षण के तहत पहली तोप भारत पहुंच चुकी है. इस तोप का परीक्षण गुरुवार को पोखरण रेंज में होगा.

पाकिस्तान से लगी सीमा पर रक्षा तैयारियों के लिहाज से सेना के लिए यह अहम घटनाक्रम है. हालांकि, शुरुआत में इन तोपों को चीन की सीमा पर तैनात करने की भी योजना थी. बता दें कि 1986 में बोफोर्स तोपों की खरीद के बाद इसके सौदे में दलाली के आरोपों ने भारतीय राजनीति में इतना बड़ा विवाद खड़ा कर दिया था कि नई तोप खरीदने में करीब 3 दशक का वक्त लग गया.

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2900 करोड़ की इस डील के तहत अमेरिका भारत को 145 नई तोपें देगा. ऑप्टिकल फायर कंट्रोल वाली हॉवित्जर से तकरीबन 40 किलोमीटर दूर स्थित टारगेट पर सटीक निशाना साधा जा सकता है. डिजिटल फायर कंट्रोल वाली यह तोप एक मिनट में 5 राउंड फायर करती है.

एम 777 हॉवित्जर तोप भी खूब चर्चा में है. इस तोप का इस्तेमाल इस्तेमाल अमेरिका अफगानिस्तान में कर रहा है. अमेरिका भारत को 145 अल्ट्रा लाइट हॉवित्जर तोपें बेचने के लिए तैयार हो गया है. यह डील 700 मिलियन डॉलर से ज्यादा की होगी और ज्यादातर तोपें भारत में तैयार होंगी.

सूत्रों के मुताबिक, दो अल्ट्रा लाइट 145 M-777 हॉवित्जर तोपों को चार्टर्ड प्लेन के जरिए ब्रिटेन से भारत लाया गया. इन्हें जल्द राजस्थान के पोखरण भेजा जाएगा. वहां विभिन्न किस्म के भारतीय गोला-बारूद से इनकी टेस्टिंग की जाएगी. इसके बाद 3 तोपों को सितंबर में लाने का प्लान है. फिर 2019 के मार्च से लेकर 2021 के जून के बीच हर महीने 5-5 तोपें आएंगी. जून 2021 तक सभी तोपें सेना को मिल जाएंगी. करार के मुताबिक, पहली 25 तोपें इंपोर्ट की जाएंगी, जबबकि बाकी 145 भारत में असेंबल की जाएंगी. इसके लिए अमेरिकी निर्माता कंपनी ने भारतीय कंपनी महिंद्रा को अपना बिजनस पार्टनर बनाया है.

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