नहीं रहे अंतरिक्ष वैज्ञानिक यूआर राव, CM नीतीश ने जताया दुख

लाइव सिटीज डेस्क : महान अंतरिक्ष वैज्ञानिक प्रोफेसर यूआर राव का बीती रात निधन हो गया है. वे 85 वर्ष के थे. उनके निधन की खबर सुनकर देश में शोक की लहर दौड़ पड़ी. बताया जा रहा है कि राव पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे. आपको बता दें कि इसरो के पूर्व अध्यक्ष यूआर राव को इसी साल पदम विभूषण सम्मान से सम्मानित किया गया था.

वहीं उनकी मृत्यु पर पीएम नरेंद्र मोदी ने भी शोक प्रकट किया है. अपने ट्वीट में प्रधानमंत्री ने लिखा, “प्रोफेसर यूआर राव के निधन से आहत हूं, भारत के स्पेस प्रोग्राम के लिए उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा.”

इसके अलावा बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी ट्वीट कर दुख जताया. उन्होंने लिखा – इसरो के पूर्व प्रमुख एवं प्रख्यात वैज्ञानिक प्रो. यू. आर. राव जी का निधन दुखद. ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दें.

यूआर राव का जन्म कर्नाटक के अडामारू में 10 मार्च 1932 को हुआ. उनका परिवार काफी साधारण था. उडुपी रामचंद्रन राव को भारत की अंतरिक्ष और उपग्रह क्षमताओं के निर्माण और देश के विकास में उनके अनुप्रयोगों का श्रेय जाता है. उन्होंने 10 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय अवॉर्ड और कई राष्ट्रीय अवॉर्ड भी जीते थे. 1972 में उन्होंने भारत में उपग्रह प्रौद्योगिकी की स्थापना का दायित्व संभाला था. पिछले कई सालों से राव विदेशी यूनिवर्सिटी समेत कई संस्थानों में वरिष्ठ पदों पर कार्यरत थे.

राव 1984 से 1994 तक इसरो के अध्यक्ष रहे. राव के दिशानिर्देशन में ही 1975 में पहले भारतीय उपग्रह आर्यभट्ट से लेकर 20 से अधिक उपग्रहों को डिजाइन किया गया, तैयार किया गया और अंतरिक्ष में प्रक्षेपित किया गया. 2016 में राव को इंटरनेशनल एरोनॉटिकल फेडरेशन (आईएएफ) के हॉल ऑफ फेम में जगह दी गई.

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