अब सिर्फ राष्ट्रपति ही ला सकते हैं जस्टिस कर्णन को भारत !

लाइव सिटीज डेस्क : सुप्रीम कोर्ट से 6 महीने जेल की सजा मिलते ही जस्टिस कर्णन फरार हो चुके हैं. कोलकाता पुलिस अंदेशा लगा रही है कि जस्टिस कर्णन भारत ही छोड़ चुके हैं. सूत्रों की माने तो 11 मई की सुबह ही कर्णन भारतीय सीमा को क्रॉस कर किसी दूसरे देश में प्रवेश कर चुके हैं. जस्टिस कर्णन के विश्वसनीय और उनके कानूनी सलाहकार डब्ल्यू पीटर रमेश कुमार ने दावा किया कि कर्णन गिरफ़्तारी से बचने की कोशिश कर रहे हैं और हो सकता है कि वे देश छोड़ चुके हैं. रमेश कुमार के मुताबिक कर्णन भारत वापस तभी आ सकते हैं जब राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी मिलने के लिए उन्हें वक्त दें. सुप्रीम कोर्ट ने अवमानना के आरोप में मंगलवार (9 मई) को जस्टिस कर्णन को 6 महीने की सजा सुनाई है. 

जस्टिस कर्णन के गायब होने की सूचना मिलते ही जब उनके क़ानूनी सलाहकार डब्ल्यू पीटर रमेश कुमार से उनके बारे में पूछताछ की गई. उन्होंने कहा कि संभव है कि कर्णन भारत की सीमा पार कर के नेपाल या बांग्लादेश चले गये हों. लेकिन रमेश कुमार ने जस्टिस कर्णन से जुड़ी कोई भी जानकारी स्पष्ट रूप से नहीं दी. उनसे पूछा गया कि अगर वो बांग्लादेश या नेपाल गए हैं तो किस रूट से देश को पार किया है या फिर उनके साथ कोई और शख्स मौजूद था. इस पर उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात की कोई जानकारी नहीं है. हालांकि मीडिया और चेन्नई पुलिस को बताया गया था कि बुधवार (10 मई) की सुबह को वे चेन्नई से 130 किलोमीटर दूर कलाहस्ती नाम के शहर में पूजा के लिए गये थे. रमेश कुमार के मुताबिक वे अपने साथ सिर्फ एक मोबाइल फोन लेकर गये थे. 

राष्ट्रपति से मुलाकात के लिए अपॉइंटमेंट मिलने तक कर्णन सरेंडर नहीं करेंगे. उन्होंने कहा कि अभी सुप्रीम कोर्ट के आदेश का सिर्फ ऑपरेटिव पार्ट ही उपलब्ध है. जब तक उन्हें फैसले की पूरी कॉपी नहीं मिल जाती है वो सजा का विश्लेषण नहीं कर पाएंगे.
10 मई की शाम को कोलकाता पुलिस की 5 सदस्यीय टीम जस्टिस कर्णन की खोज में कलाहस्ती पहुंची थी. आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले में मौजूद कलाहस्ती शहर मंदिरों के लिए विख्यात है. कलाहस्ती में जस्टिस कर्णन की खोज में आंध्र पुलिस ने भी कोलकाता पुलिस की सहायता की लेकिन सभी कोशिशें नाकाम रही.

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