अगस्त से भारतीय विमानों में भी मिलगा नेट सर्फिंग का मज़ा

लाइव सिटीज डेस्क: भारतीय विमानों में इंटरनेट का सपना बहुत पुराना है, लेकिन जल्दी ही यह हकीकत में बदलने वाला है. केन्द्र सरकार अगस्त के आखिरी सप्ताह तक इसे मंजूरी दे सकती है. डायरेक्टर जनरल सिविल एविएशन कार्यालय के संयुक्त निदेशक ललित गुप्ता ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय विमानन कंपनियां उड्डयन मंत्रालय के संपर्क में हैं. हम दूरसंचार मंत्रालय से अनुमति मिलने का इंतजार कर रहे हैं. अभी विदेशी एयरलाइन्स को भारतीय उड़ानक्षेत्र में प्रवेश करते ही वाई—फाई सेवाओं को सुरक्षा कारणों से बंद करना पड़ता है.



गुप्ता ने यह भी ​कहा कि भारतीय विमानन कंपनियां जैसे जेट एयरवेज और स्पाइसजेट 2018 के मध्य तक वाई—फाई सेवाओं से लैस विमान उड़ाना शुरू कर देंगी. दुनिया भर में इस वक्त करीब 70 एयरलाइन्स ऐसी हैं जो फ्लाइट के दौरान इंटरनेट सेवाएं देती है. नेट सेवाओं में ईमेल, लाइव स्ट्रीमिंग, सोशल मीडिया का इस्तेमाल, मूवी डाउनलोड और इंटरनेट कॉलिंग की सुविधा शामिल हैं.

फ्लाइट के दौरान इंटरनेट देने वाली कंपनियों में जो भारत भी आती हैं, उनमें एयर फ्रांस, लुफ्थांसा, ब्रिटिश एयरवेज, सिंगापुर एयरलाइन्स, एमीरेट्स और इतिहाद एयरवेज शामिल हैं. भारत में फिलहाल जेट एयरवेज और विस्तारा एयरलाइन्स आॅफलाइन लाइब्रेरी की सुविधाएं देती हैं. जिससे आप अपने नॉन इंटरनेट वाईफाई का इस्तेमाल करके आप अपने इलेक्ट्रानिक डिवाइस पर कंटेंट डाउनलोड कर सकते हैं. स्पाइसजेट यह सुविधा जून के अंत तक देने की तैयारी में है. लेकिन सारा इंतजार केन्द्र से हरी झंडी मिलने तक ही है.