राष्ट्र सेवा के अनोखे मिशन पर साइकिल से निकला पड़ा ये बिहारी

लाइव सिटीज डेस्क : आईआईटी दिल्ली से एंटरप्राइजेज कोर्स करने के बाद सऊदी अरब, दुबई, कतर, बहरीन जैसे देशों में नौकरी करने वाले पंकज मल्ल ने अब अपने जीवन की दिशा बदल ली है. बिहार के रहने वाले पंकज अब नौकरी छोड़कर भारत आ चुके हैं. अब वह कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक साइकिल से यात्रा करके लोगों को साफ—सफाई का महत्व समझाने के लिए निकल पड़े हैं.

पंकज मल्ल ने कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक साइकिल से यात्रा करने का फैसला किया है. उनकी यात्रा के पीछे तीन मकसद हैं. महिला शिक्षा, स्वास्थय और सफाई और अंग दान. अपनी इस यात्रा को पंकज ने मिशन अस्तित्व का नाम दिया है. पंकज अपने सपनों के लिए फंड जुटाने और समाज में बदलाव लाने के लिए निकले हैं.

संयुक्त राष्ट्र कमिशन की रिपोर्ट है कि 2016 में शिक्षा, स्वास्थ्य और जीवनशैली के पैमाने पर बेहद पिछड़ा हुआ है. भारत की वर्ल्ड रैंकिंग 188 में से 131 है. पिछले कई सालों से भारत स्वास्थ्य, सफाई, स्वच्छता और महिला स्वास्थ्य के पैमानों पर बेहद पिछड़ा हुआ है. 37 साल के युवा पंकज मल्ल ने देश की इस पहचान को बदलने का बीड़ा उठा लिया है.

पंकज मल्ल ने छह अक्टूबर को कारगिल से साइकिल यात्रा शुरू की थी. अब यह यात्रा चार दिसंबर को कन्याकुमारी पहुंचकर पूरी होगी. यात्रा के दौरान पंकज के पास खाने का बजट बेहद कम था जबकि ठहरने के लिए तो पैसे थे ही नहीं. वह लगातार मन्दिरों और गुरुद्वारों में खाते—रुकते हुए आगे बढ़ रहे हैं. आज उनका पड़ाव मथुरा पहुंचा है. जहां शहरवासियों ने उनका भव्य स्वागत किया है. अपनी यात्रा में अब तक पंकज ने क्राउड फंडिंग के ज़रिये 17 शौचालय बनवाने में भी मदद की है.