कुलभूषण जाधव को जल्‍द फांसी देने के लिए पाक सुप्रीम कोर्ट में याचिका

लाइव सिटीज डेस्क : पाकिस्‍तान के सुप्रीम कोर्ट में कुलभूषण यादव को लेकर एक बार फिरे से मामला गर्म होता दिख रहा है. पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दर्ज की गयी है जिसमें कथित भारतीय जासूस कुलभूषण जाधव के लिए जल्‍द फांसी की मांग की गई है. यह याचिका पूर्व सीनेट एडवोकेट फारूक नाईक ने मुजामिल अली की ओर से शनिवार को डाला है और इस घोषणा की मांग की है कि अंतर्राष्‍ट्रीय कोर्ट द्वारा जाधव की फांसी पर लगाया गया रोक पाकिस्‍तान के कानून के लिए बाध्‍यता नहीं है.  

पाकिस्‍तान का दावा है कि जाधव को मार्च 2016 में बलूचिस्‍तान से हिरासत में लिया गया था जबकि भारत का कहना है कि जाधव ईरान में अपने बिजनेस के सिलसिले में थे जहां से पाकिस्‍तान ने उन्‍हें किडनैप किया और उनके खिलाफ झूठा केस दर्ज कर लिया है.

याचिकाकर्ता ने अदालत से यह स्पष्ट करने की अपील की है कि जाधव केस में कानून के मुताबिक कार्रवाई की गई और सभी कानूनी प्रक्रियाओं पर अमल किया गया. याचिकाकर्ता ने यह साफ करने को भी कहा है कि भारत की मांगों के मुताबिक जाधव को वकील की सेवा भी उपलब्ध कराई गई थी। इस याचिका में प्रांतीय सरकार, आंतरिक एवं कानून सचिव और पाकिस्तान आर्मी ऐक्ट (PPA) 1952 के अंतर्गत गठित कोर्ट ऑफ अपील को रिस्पॉन्डेंट बनाया गया है. याचिका में जाधव की मां का जिक्र करते हुए कहा गया है कि उन्होंने 26 अप्रैल को PPA के सेक्शन 131 और 133 (बी) के अंतर्गत एक अपील दायर की थी.

बता दें कि भारत के पूर्व नौसेना अधिकारी जाधव को जासूसी व संदिग्‍ध गतिविधि के कारण पाकिस्‍तान की एक सैन्‍य अदालत द्वारा 10 अप्रैल को फांसी की सजा मुकर्रर की गयी. अंतर्राष्ट्रीय कोर्ट ने 18 मई को 46 वर्षीय जाधव की फांसी पर रोक लगा दी.

पाकिस्‍तान ने जाधव के स्‍वीकारोक्‍ति वाले बयान का मुद्दा उठाते हुए भारत पर अंतर्राष्‍ट्रीय कोर्ट के गलत उपयोग का आरोप लगाया. दूसरी ओर भारत ने जाधव के स्‍वीकारोक्‍ति के बारे में कहा है कि यह पाकिस्‍तान ने जबरन लिया है. पूर्व आईएसआई अधिकारी व पाकिस्‍तान आर्मी के लेफ्टीनेंट जनरल, अमजद शोहैब ने भारत के उस दावे को स्‍वीकार किया जिसमें कहा गया है कि कुलभूषण जाधव को ईरान से पकड़ा गया.

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