सीएए, एनपीआर और एनआरसी को लेकर ग़लत दलील दे रही सरकार- शरद यादव

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लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : देश भर में तमाम विवादों के बीच केंद्र सरकार ने गृह मंत्रालय ने सीएए के प्रावधानों को देश लागू करने का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. 10 जनवरी 2020 से देश के कुछ हिस्सों को छोड़कर सभी जगह सीएए के सभी प्रावधान लागू रहेंगे. हालांकि इस कानून का विरोध लगातार जारी है.

इसी क्रम में लोकतांत्रिक जनता दल सुप्रीमो और पूर्व सांसद शरद यादव ने कहा है कि संशोधित नागरिकता क़ानून, एनआरसी और एनपीआर एक दूसरे से अलग नहीं है बल्कि तीनों एक ही हैं.



सरकार दे रही है ग़लत दलील

शरद यादव ने शुक्रवार को लोजद की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार की यह दलील ग़लत है कि सीएए और एनआरसी अलग है. साथ ही उन्होंने कहा यह कानून समाज के हित में नहीं है. उन्होंने आगे कहा कि आज़ाद भारत में लोगों में इतनी बेचैनी पहले कभी नहीं देखी गई. इसलिए तमाम लोग जो एक जैसी विचारधारा रखते हैं उन्हें एकजुट होने की जरुरत है.

जेएनयू में हिंसा को लेकर शरद यादव ने कहा कि जेएनयू की घटना विश्विवद्यालय प्रशासन की देखरेख में हुई, जिसके कारण देश के सबसे अग्रणी विश्वविद्यालय में तबाही का मंज़र देखने को मिला.

सीएम नीतीश पर भी शरद यादव ने किया तंज

बैठक के दौरान उन्होंने बिहार के सीएम नीतीश कुमार का नाम लिए बिना उनपर तंज भी किया. उन्होंने कहा कि कुछ समय पहले तक एक व्यक्ति कह रहा था कि मर जाऊंगा लेकिन भाजपा के साथ नहीं जाऊंगा. बाद में वह भाजपा के साथ चला गया. इसके बाद मैं सच के साथ अकेला खड़ा रह गया.

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