भूख से मर गई थी बेटी, अब मां से मारपीट कर रहे हैं गांववाले

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सिमडेगा : जिले में एक बच्ची की कथित तौर पर भूख से मौत का मामला गांव के लिए इज्जत का सवाल बन गया है. गांव के लोगों ने मृतका की मां कोयली देवी पर घटना को मीडिया में लाकर गांव को बदनाम करने का आरोप लगाया है. सिर्फ आरोप ही नहीं लगाया है बल्कि कोयली देवी के साथ मारपीट भी की है और उसे गांव से निकालने की भी कोशिश की गई है.

मिली जानकारी के अनुसार मामला शुक्रवार की रात का है. रात में करिमाती गांव में रहने वाली कोयली देवी के साथ गांव की कुछ महिलाओं ने कथित तौर पर मारपीट की. महिलाओं का आरोप था कि बेटी संतोषी कुमारी की भुखमरी से मौत का आरोप लगाकर कोयली देवी ने गांव का नाम बदनाम किया है. इसके बाद कोयली देवी ने पास के ही एक दूसरे गांव में रहने वाले एक सामाजिक कार्यकर्ता तारा मणि साहू के घर में शरण ली थी.

हालांकि इसकी जानकारी मिलते ही स्थानीय अधिकारी मौके पर पहुंचे और बच्ची की मां कोयली देवी को समझाया. इसके बाद कोयली देवी वापस अपने गांव लौट आई हैं. अधिकारियों का कहना है कि अगर महिला शिकायत करती है तो एफआईआर दर्ज की जाएगी. घटना के बारे में सिमडेगा के SDPO एके सिंह ने बताया कि मीडिया से जानकारी मिलने के बाद हम लोगों ने जलडेगा पुलिस स्टेशन के इंचार्च और बीडीओ को वहां भेजा. उन्हें पता लगा कि कोयली देवी अपने घर में नहीं है. पता करने पर मालूम हुआ कि वह साहू के घर में है. हमारे अधिकारी उनके घर में गए और महिला को सुरक्षा मुहैया कराने का भरोसा दिया और उसके बाद वह वापस अपने घर लौटीं.

सिंह ने आगे बताया कि उनके घर में तोड़फोड़ के कोई निशान नहीं मिले हैं. उन्होंने कहा – शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि पिछली रात गांव की कुछ महिलाएं कोयली देवी के घर पहुंची और बहस करने लगीं. उसने किसी भी महिला की पहचान नहीं की है. अगर वह औपचारिक शिकायत करती है तो हम लोग एफआईआर दर्ज करेंगे. हम लोग उनके घर की सुरभा भी बढ़ाएंगे. अभी के लिए उसके घर पर ऑफिसर इंचार्ज और बीडीओ मौजूद हैं.

गौरतलब है कि कोयली देवी ने आरोप लगाया था कि उसकी बेटी की मौत भूख के कारण हुई है. साथ ही उसके परिवार को सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत दुकानदार ने खाद्य अनाज नहीं दिया क्योंकि उसका आधार कार्ड, राशन कार्ड से जुड़ा हुआ नहीं था. मामले के तूल पकड़ने के बाद जिला प्रशासन ने कहा कि बच्ची संतोषी मलेरिया से पीड़ित थी और उसी बीमारी के कारण उसकी मौत हुई. लेकिन राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने दावे को खारिज कर दिया था.