‘दोषी अधिकारियों पर अविलम्ब कार्रवाई करे सरकार, जांच के लिए भेज रहे हैं केंद्रीय टीम’

PASWAN-RAMVILAS
रामविलास पासवान (फाइल फोटो)

लाइव सिटीज डेस्क : बिहार के पड़ोसी झारखंड के सिमडेगा में कथित तौर पर भूख से हुई बच्ची की मौत मामले में अब केंद्रीय खाद्य व उपभोक्ता संरक्षण मंत्री रामविलास पासवान ने कड़े एक्शन का ऐलान किया है. उन्होंने घटना पर काफी दुःख प्रकट किया है. साथ ही कहा है कि खाद्य सुरक्षा कानून लागू होने के बाद भी तीन माह तक राशन नहीं मिलना चिंता का विषय है.

पासवान ने मामले में जांच के लिए केंद्र सरकार द्वारा जल्द ही टीम भेजने की बात कही है. उन्होंने केंद्रीय खाद्य सचिव रविकांत को भी मामले की जांच करने का निर्देश दिया है. उन्होंने राज्य सरकार से मामले में दोषी अधिकारियों के खिलाफ अविलम्ब कार्रवाई करने की मांग भी की है.

केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने इस संबंध में प्रेस विज्ञप्ति कर जानकारी दी है. साथ ही उन्होंने कई ट्वीट भी किये हैं. अपने ट्वीट में उन्होंने कहा है – झारखंड में संतोषी नाम की बच्ची की भूख से मौत को लेकर अख़बारों में प्रकाशित खबरे पढ़ कर बहुत दुःख हुआ. झारखण्ड मे खाद्य सुरक्षा कानून लागु होने के बाद भी तीन माह तक लाभार्थी को राशन नहीं मिलना चिंता का विषय है. कानून मे इस बात का प्रावधान है कि राशन नही मिलने की स्थिति मे लाभार्थी को न्यूनतम समर्थक मूल्य (MSP) का सवा गुणा खाद्य सुरक्षा भत्ता दिया जाये.

उन्होंने कहा – इस मामले में केंद्र सरकार से झारखण्ड राज्य को प्रति माह अनाज का आबंटन किया गया है. राज्य सरकार ने भी उसका उठाव FCI से समय से कर लिया है. राज्य सरकार के स्तर पर अनाज नहीं मिलने पर खाद्य सुरक्षा भत्ता दिया जाना चाहिए था और दोषी अधिकारीयों के विरुद्ध अविलम्ब करवाई की जानी चाहिए. इस संदर्भ मे मैंने खाद्य सचिव, भारत सरकार, श्री रवि कान्त से इस बात की जाँच करने का निर्देश दिया है. केंद्र सरकार इस घटना की जांच के लिए शीघ्र ही केन्द्रीय टीम भी भेज रही है. राज्य सरकार से भी इस सम्बन्ध में रिपोर्ट भेजने के लिय कहा गया है.

 

बता दें कि 11 साल की लड़की सिर्फ इसलिए भूख से तड़प-तड़प कर मर गई, क्योंकि उसका परिवार राशन कार्ड को आधार से लिंक नहीं करा पाया. संतोषी कुमारी नाम की इस लड़की ने 8 दिन से खाना नहीं खाया था, जिसके चलते बीते 28 सितंबर को भूख से उसकी मौत हो गई. वो लड़की भात-भात बोलते दम तोड़ दी. 

इस घटना पर सीएम रघुवर दास ने भी पीड़ा व्यक्त की है. उन्होंने तत्काल पीड़ित परिवार को 50 हजार की सहायता देने का निर्देश दिया. सिमडेगा के डीसी ने बताया कि तीन सदस्यीय जांच कमिटी ने मौत की जांच की है, जिसमें यह बात सामने आई है कि बच्ची की मौत मलेरिया से हुई है. मुख्यमंत्री ने डीसी को 24 घंटे में स्वयं जांच करने का निर्देश दिया है.