ममता बनर्जी ने कहा – भाजपा का पक्ष लेते हैं राज्यपाल, मुझे धमकी दे रहे

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फाइल फोटो

लाइव सिटीज डेस्क: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रदेश के राज्यपाल महामहिम केशरी नाथ त्रिपाठी पर धमकी देने का आरोप लगाकर सनसनी फैला दी है. उन्होंने कहा है कि राज्यपाल एकपक्षीय बात करते हैं. वह जिस तरह से भारतीय जनता पार्टी का पक्ष लेकर बात करते हैं उससे मैं काफी अपमानित महसूस कर रही हूं.

मैंने उन्हें साफ कह दिया है कि वह मुझसे इस तरह से बात नहीं कर सकते हैं. ममता ने कथित तौर पर राज्यपाल पर धमकी देने का आरोप लगाते हुए कहा कि वह संवैधानिक पद पर रहते हुए भी भाजपा के किसी प्रखंड प्रमुख की तरह व्यवहार करते हैं. आपको बता दें कि केसरी नाथ त्रिपाठी पश्चिम बंगाल के साथ—साथ सम्प्रति बिहार के भी प्रभारी राज्यपाल हैं.

ममता बनर्जी ने मंगलवार को विधानसभा सचिवालय में राज्यपाल पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने मुझे फोन पर धमकाया है. वह जिस तरह से बात करते हैं उसमें भाजपा के प्रति उनका स्पष्ट पक्षपात नजर आता है. मैं इससे अपमानित महसूस करती हूं. मैंने उन्हें साफ कह दिया है कि वह मुझसे इस तरह से बात नहीं कर सकते हैं.

वह भाजपा के किसी प्रखंड प्रमुख सरीखा व्यवहार कर रहे हैं. उन्हें समझना चाहिए कि वह संवैधानिक पद के लिए मनोनीत हैं. वह प्रदेश में कानून और व्यवस्था की स्थिति पर बहुत कुछ बोलते रहते हैं.

ममता बनर्जी ने कहा कि गवर्नर ने उनके साथ बहुत ही अपमानजनक तरीके से बात की. उनका लहजा किसी को नीचा दिखाने वाला था. वह मुझे धमका नहीं सकते. मैं यहां किसी की दया पर नहीं हूं. मैं राज्यपाल की कृपा से मुख्यमंत्री नहीं बनी हूं. वह जिस तरह से बात करते रहते हैं, एकबार तो मैंने पद छोड़ने तक का भी मन बना लिया था.
ममता ने यह बात कहकर सब को चौंका दिया है.

गौरतलब है कि ममता बनर्जी और राज्यपाल केसरी नाथ त्रिपाठी के बीच संबंध आरंभ से तल्ख रहा है. कोलकाता में भाजपा कार्यालय पर हमला के बाद राज्यपाल ने ममता बनर्जी को एक चिट्ठी लिखी थी जिसमें उन्होंने उन्हें प्रदेश में कानून और व्यवस्था की बदतर होती जा रही स्थिति और उनकी जिम्मेवारियों की ओर ओर ध्यान दिलाया था.

बताया जाता है कि राज्यपाल ने नॉर्थ 24 परगना के बादुरिया में दो संप्रदायों के बीच हुई हिंसा के बाद ममता बनर्जी को फोन किया था. फोन पर कही गई कुछ बातें ममता को नागवार लगीं और वह बिफर पड़ीं. उन्होंने राज्यपाल के बारे में कहा कि वह हर बार एक पक्षीय बात ही करते हैं.

जाहिर है पश्चिम बंगाल में राज्यपाल और मुख्यमंत्री के बीच इस तनातनी से प्रदेश में सब कुछ सही नहीं मालूम दे रहा है.