जीत लो टोक्यो ओलंपिक! भारतीय खिलाड़ियों से देश को पदक की उम्मीद, अबतक की सबसे बड़ी टीम ले रही हिस्सा

लाइव सिटीज, पूजा प्रिया/ डेस्क: टोक्यो ओलंपिक की शुरुआत गयी. खेलों की इस महाप्रतियोगिता में अपना जलवा दिखाने के लिए भारत के 127 खिलाड़ी टोक्यो पहुंच गए हैं. ये आंकड़ा अबतक का सबसे बड़ा है. खिलाड़ी 18 खेलों की 69 प्रतिस्पर्धाओं में हिस्सा लेंगे. भारत को अपने खिलाड़ियों से बड़ी उम्मीदे हैं.

ओलंपिक में इस बार 33 खेल शामिल किए गये है, लगभग 339 पदक के लिए मुकाबला होगा. इस बार 5 नयें खेलों (बेसबॉल, सॉफ्टबॉल, कराटे, स्केटबोर्ड और सर्फिंग) को भी ओलंपिक में शामिल किया गया है. इस बार दिए जाने वाले पदक भी अलग तरह से बनाए गये है. धातु रिसाइक्लिंग प्रक्रिया से सारे पदक बनाए गए हैं. तकरीबन 80,000 वेसटेज धातु से 5000 पदक बनाए गए है.

टोक्यों ओलंपिक 23 जुलाई से शुरु होकर 8 अगस्त को समाप्त होगा। इस खेल का आयोजन हर 4 साल में एक बार किया जाता है इस बार ओलंपिक का आयोजन जापान के टोक्यो में होने जा रहा है टोक्यो शहर दुसरी बार इस खेल का आयोजन करने जा रहा है और ऐसा करने वाला वो एशिया का पहला शहर है.आपको बता दे कि महामारी के कारण इसका आयोजन 2020 में न करा कर 2021 में कराया गया लेकिन इसका नाम टोक्यो ओलंपिक 2020 ही रहेगा

ये हैं पदक के प्रबल दावेदार

1.बजरंग पुनिया- पिछले तीन सालों में इन्होने कुश्ती के हर बड़े टुनामेंट जिते है इसलिए उनसे ओलंपिक में पदक की उम्मिद लगाई जा रही है

2.विनेश फोगाट-  महिला कुश्ती की एक प्रबल दावेदार जिनसे इस बार ओलंपिक मे स्वर्ण पदक की उम्मिद लगाई जा रही है

3.मिरा बाई चानु- ये ओलंपिक में वजन उठाने में दुसरे नम्बर पर है, इसलिए इनसे भी पदक की उम्मीद लगाई जा रही है.

4.दिपिका कुमारी- झारखंड से आने वाली दिपिका के पिता एक ऑटो चालक है और मां नर्स का काम करती है. सुविधा का अभाव होते हुए भी दिपिका ने हर बड़े टुनार्मेंट में जीत हासिल की है. लेकिन ओलंपिक पदक की एक कमी थी, जिसकी उम्मीद दिपिका से लगाई जा रही है.

5.पि.वि सिन्धु- बैडमिंटन में भारत का सबसे बड़ा नाम. जब बैडमिंटन के क्षेत्र में भारत के नाम एक भी पदक नहीं थे, तो इन्होंने पदक की भरमार लगा दी. इन्होंने अपने 62.5% मैच जीते है. इसलिए भारत को इनसे भी उम्मीद है.

6.अमित पंघाल- बॉक्सिंग के क्षेत्र में 52 किलो की कैटगरी में दुनिया में इनका प्रथम स्थान पर है. साथ ही ओलमपिक में इन्हें नम्बर 1 की रैकिंग मिली है. इसलिए इनसे भी पदक की उम्मीद है.

7.नीरज चोपड़ा- भाला फेंक में विश्व में 16वें स्थान पर है. इन्होने 87.86 मीटर तक भाला फेंक कर ओलंपिक का टिकट हासिल किया है. इसलिए भारत को इनसे भी पदक की उम्मीद है.

ऐसे नहीं सिर्फ इन्हीं सभी खिलाड़ियों से भारत को पदक की उम्मीद है, बल्कि टोक्यो गए सभी 127 खिलाड़ियों से पूरा देश आस लगाए बैठा है. हम सभी को आशा ही नहीं पूर्ण विश्वास है कि भारत के ये जांबाज खिलाड़ी टोक्यों से पदक लेकर ही वतन वापसी करेंगे. बता दें कि 2008 के बाद से भारत में एक भी स्वर्ण पदक नहीं आया है. तब अभिनव बिन्द्रा ने भारत को स्वर्ण दिलाया था. पिछले रियो ओलंपिक में भी भारत का प्रदर्शन निराशाजनक रहा था. केवल एक सिल्वर मेडल और एक कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा था. इसलिए भारत इस बार अपने खिलाड़ियो से स्वर्ण पदक की उम्मीद कर रहा है.